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मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आरएसएस के अनुषांगिक संगठन सहकार भारती के अधिवेशन में कहा कि कि पूरे भारत में छत्तीसगढ़ की महिलाएँ सबसे अधिक जीवट हैं। उन्होंने कहा कि यह मैं मुख्यमंत्री के नाते नहीं कह रहा हूँ, बल्कि यह मेरा मेरा दावा है। राज्य में कोचियाबंदी के लिए महिलाओं ने बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने लाठियाँ लेकर शराब ठेकेदारों और कोचियाओं को ठिकाने लगाया है।

raman singh

छत्तीसगढ़ की सरकार ने सहकारिता के क्षेत्र में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए सबसे अच्छा सिस्टम तैयार किया है। राज्य में 1300 से भी अधिक सहकारी समितियाँ हैं जिनके माध्यम से 70 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी की जाती है और इसके लिए किसानों को लगभग 11000 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रमन सिंह ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में अनेक प्रयोग सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के द्वारा लगभग 60 लाख गरीब परिवारों को एक रुपए किलो की दर पर चावल और निःशुल्क आयोडाइज्ड नमक उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में महिलाओं के स्वसहायता समूह भी सर्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत् कई राशन दुकानें सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएँ जीवटता के साथ काम कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत गांवों को खुले में शौच मुक्त करने और गाँवों में अवैध शराब पर रोक लगाने में महिला समूहों का योगदान अद्भुत है। इन दोनों कार्यों को महिलाओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी से जनांदोलन का स्वरुप प्रदान किया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रहण और लघु वनोपजों के संग्रह में वन क्षेत्रों में प्राथमिक सहकारी समितियाअ सफलतापूर्वक काम कर रही हैं. बस्तर संभाग में लगभग 300 के महिला समूहों को काजू प्लांटेशन के काम में लगाया गया है. राजनांदगांव जिले में भी महिला स्व-सहायता समूह स्वावलंबन की ओर बढ़ रही हैं. आज सहकारिता के क्षेत्र को और भी अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है. इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप, सहकार भारती के संरक्षक सतीश मराठी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. उदय जोशी, प्रदेश सहकार भारती के नवनिर्वाचित अध्यक्ष वेदराम वर्मा और लक्ष्मण राव मगर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे.

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