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भारत का मुख्य भूभाग का विस्तार 804 से 3706 उत्तरी अक्षांश और 6807 से 97025 ‘पूर्वी देशांतर तक है।

भारत की कुल भौगोलिक सीमा के अंतर्गत् 11% पर्वतीय भाग (mountains) 18% पहाड़ियाँ, (hills), 28% पठार (plateau), और 43% मैदानी भाग (plains) आते हैं।

प्राचीन से लेकर आधुनिक भूवैज्ञानिक विकास के कालक्रम इस प्रकार हैं – प्रायद्वीपीय भारत, हिमालय, भारत-गंगा के मैदान और थार ka रेगिस्ताऩ।

द्वीपों सहित भारत की तटीय सीमा 7516.5 कि.मी. है। मुख्य भूमि की तटीय सीमा 6,200 कि.मी. है।

भारत का कुल क्षेत्रफल 3,287,263 वर्ग कि.मी. है तथा क्षेत्रफल के अनुसार भारत विश्व का 7वाँ सबसे बड़ा देश है।

हिमालय के उत्तर में जास्कर, लद्दाख और काराकोरम पर्वतमाला स्थित हैं।

मन्नार की खाड़ी तथा पाक जलसंधि भारत को श्रीलंका से अलग करते हैं।

छोटा नागपुर का क्षेत्र “Ruhr of India” कहलाता है।

दक्कन पठार का निर्माण ज्वालामुखी विस्फोट से उत्पन्न मूल लावा हुआ था।

ब्रह्मपुत्र नदी में नदी के द्वीप माजुली विश्व का सबसे बड़ा नदी के द्वीप हैं।

कांडला, मुंबई, मार्मगाओ, कारवार, मैंगलोर और कोचीन पश्चिमी तट पर प्रमुख बंदरगाह हैं।

प्रायद्वीपीय पठार की लंबाई 1,700 कि.मी. और चौड़ाई 1,400 कि.मी. है। इसकी औसत ऊंचाई 600 मीटर है।

नदी और मिट्टी से बने लंबे और संकीर्ण अवसाद ‘घोरोस’ (Ghoros) कहलाते हैं।

शिवालिक की निचली पहाड़ियाँ के कंकड़ और पत्थरों से बने झरझरे क्षेत्र ‘बाबेर’ (Baber) के नाम से जाने जाते हैं।

सिवालिक श्रेणियाँ हिमालय की सबसे कम उम्र की श्रेणियाँ हैं। इन श्रेणियों की घाटी को ‘डन’ (Duns) या ‘डुआर्स’ (Duars) कहा जाता है।

बर्लिज, जोजिला और थगला पास हिमालय के दर्रे हैं। श्रीनगर और लेह के बीच का मार्ग जोजीला पास से गुजरता है।

भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमा 15,200 कि.मी. तक फैली है।

शिवालिकों के साथ जुड़े हुए मैदानों के उत्तर में नदियों के नेटवर्क को ‘चोस’ (Chos) कहा जाता है।

गंगा-यमुना दोआब में पाए जाने वाले ढलानों का स्थानीय नाम ‘खोल्श’ (Khols) कहा जाता है।

कैबर्न, नागा और लुशाई के पूर्वी भाग को हिमालय के विस्तार के रूप में माना जाता है।

मिलाम, गर्नि, गंगोत्री और सियाचिन हिमालय के प्रमुख ग्लेशियर हैं। सियाचिन ‘ग्लेशियर सबसे बड़ा है।

गॉडविन ऑस्टिन या के2 भारत का सर्वोच्च शिखर हैं

पीर पंजाल और धौलाधार रेंज तथा पीर पंजाल और बनिहाल पास मध्य एवं निचले हिमालय में स्थित हैं। यहां पर शिमला, मसूरी, नैनीताल आदि नगर स्थित हैं।

पूर्व से पश्चिम तक तथा उत्तर से दक्षिण तक भारत की लंबाई क्रमशः 2,933 कि.मी. तथा 3,214 कि.मी. है।

भारत के उत्तरी मैदान की लंबाई 3,200 कि.मी. और चौड़ाई 50 से 300 कि.मी. तक है। अधिकतम गहराई 2000 मीटर है।

लक्षद्वीप एक प्रवाल द्वीप है और इसमें कुल 36 द्वीप हैं

उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में होने के बावजूद भी हिमालय के अवरोधी प्रभाव के कारण भारत की जलवायु मानसूनी है।

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