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Archives for अपना वेबसाइट/ब्लोग बनाएँ (Website/Blog Tutorial)

वेब होस्टिंग (Web Hosting)

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वेब डिजाइन मार्गदर्शिका (Web Design Guide)

हिन्दी में वेब डिजाइन ट्यूटोरियल (Web Design Tutorial in Hindi)


वेब होस्टिंग (Web Hosting)

अपने डोमेन (domain) को किसी सर्व्हर (server) में स्थापित करने के कार्य को वेब होस्टिंग (Web Hosting) कहते हैं। ऐसी अनेकों कम्पनियाँ हैं जो उचित कीमत लेकर सर्व्हर (server) में आपके वेबसाइट (website) को स्थान तथा उसके प्रबंधन के लिये कन्ट्रोल पेनल या सीपेनल (control panel or cpanel) की सुविधा प्रदान करती हैं।

वेब होस्टिंग कम्पनियाँ (web hosting companies)

वेब होस्टिंग कम्पनियाँ (web hosting companies) आपके वेबसाइट (website) के लिये स्थान (space) देने, वेब पेजेस (web pages) बनाने की सुविधा देने, ईमेल पते (e-mail adresses) देने के अलावा और भी बहुत सारी महत्वपूर्ण सुविधाएँ प्रदान करने का कार्य करती है।

वेब होस्टिंग के प्रकार (Types of Web Hostings)

वेब होस्टिंग (web hostings) के कई प्रकार है जैसे कि डेडिकेडेट सर्व्हर होस्टिंग (dedicated server hosting), शेयर्ड सर्व्हर होस्टिंग (shared server hosting) आदि; और उनकी कीमत भी उसी प्रकार से कम और अधिक हैं। आपको तो अपने वेबसाइट के लिये आपके बजट के भीतर आने वाली कम कीमत वाली वेब होस्टिंग का चुनाव करना होगा। आपके लिये किसी अच्छी साख वाली होस्टिंग कम्पनी से शेयर्ड होस्टिंग लेना ही उचित रहेगा।

यहाँ पर आपकी जानकारी के लिये आपको बता दें कि कई होस्टिंग कम्पनियाँ ऐसी भी है जो आपको $6-7 प्रति महीने तक में भी बेब होस्टिंग देती हैं। किन्तु किसी भी कम्पनी से वेब होस्टिंग लेने के पहले आपको मिलने वाली सुविधाओं के विषय में पूरी जानकारी ले लेनी चाहिये। यह भी पता कर लेना चाहिये कि कम्पनी की साख कैसी है।

कम कीमत वाली होस्टिंग लेने से सुविधाएँ भी कम मिलती हैं। अतः हमारा सुझाव है कि अपने बजट को ध्यान में रख कर $10-15 प्रति महीने वाली होस्टिंग लेना अधिक उचित है क्योंकि उनमें प्रायः सभी आवश्यक सुविधाएँ मिल जाती हैं।

यदि आप इंटरनेट में सर्च कर के देखेंगे तो आपको अनगिनत वेब होस्टिंग कम्पनियाँ मिलेंगी और उनमें से कौन अच्छी साख वाली है और कौन नहीं यह जानना भी टेढी खीर है। हम तो सुझाव देंगे कि होस्टगेटर से होस्टिंग लेना अधिक उचित होगा क्योंकि हमारा वेबसाइट भी एक लम्बे समय से यहीं होस्टेड है और हमें कभी किसी प्रकार के शिकायत का मौका नहीं मिला तथा साथ ही तत्काल सेवा (prompt service) भी मिलती रही है।

वेब होस्टिंग ले लेने पर होस्टिंग कम्पनी से भी आपको एक ईमेल प्राप्त होगा जिसमें निम्नलिखित बातों की जानकारी होगीः

  • आपके नेमसर्व्हर्स का विवरण
  • आपका यूजर नेम
  • आपका पासवर्ड
  • आपके वेबसाइट का IP address:
  • उस वेबसाइट का लिंक जहाँ पर आपको वेबसाइट बनाने के विषय में तथा होस्टिं कंट्रोल पेनल के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई होती है।

नेम सर्वर्स अपडेट करना

आपको अपने नेम सर्वर्स की जानकारी मिल जाने पर आपको एक बार फिर अपने ‘नेम सर्वर्स कंट्रोल पेनल’ में जाना होगा और “अपडेट नेम सर्वर्स” को क्लिक करके प्राप्त नेम सर्वर्स की प्रविष्टियाँ करनी होंगी।

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डोमेन नेम (domainname) रजिस्टर करना (Register a Domainname)

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डोमेन नेम (domainname) रजिस्टर करना (Register a Domainname)

वेबसाइट (website) बनाने के लिये सबसे पहला कार्य होता है डोमेन नेम (domainname) रजिस्टर करना। डोमेन नेम (domainname) ही आपके वेबसाइट का पता होता है और लोग इसके द्वारा ही आपके वेबसाइट में प्रवेश कर पाते हैं।

वास्तव में डोमेन नेम (domainname) शब्दों की एक श्रृंखला होती है जो बिन्दुओं (dots) के द्वारा एक दूसरे से अलग किये गये होते हैं और इसके द्वारा ही IP address की पहचान होती है (A series of words separated by dots (eg: microsoft.com) identifying an IP address.)

डोमेन नेम (domainname) के अंत में .com, .net, .org, .info आदि लगा होता है। डोमेन नेम (domainname) अधिकतम 63 कैरेक्टर्स तक का हो सकता है और इसमें आप हाइफन (hyphens) का भी प्रयोग कर सकते हैं।

अपने डोमेन नेम (domainname) का निश्चय आपको खूब सोच समझ कर करना चाहिये क्योंकि एक बार डोमेन नेम (domainname) के रजिस्टर हो जाने के बाद इसे बदला नहीं जा सकता। सर्च इंजिनों में आपके वेबसाइट के शामिल होने में भी डोमेन नेम (domainname) का बहुत महत्व होता है।

मान लीजिये आपका वेबसाइट दिल्ली में भ्रमण से सम्बंधित है तो आपका डोमेन नाम dillibhraman, dilli-bhraman आदि जैसा कुछ होना चाहिये और यदि आपके डोमेन नेम (domainname) का अंत .com से होता है तो आपका पूरा url
http://dillibhraman.com या http://dillibhraman.com जैसा हो जायेगा।

डोमेन नेम (domainname) के विषय में और भी विस्तार से जानने में अंग्रेजी की डोमन नेम सीक्रेट पुस्तक से और भी सहायता मिल सकती है।

हाँ तो अब आपको डोमेन नेम (domainname) रजिस्टर करवाने के लिये ‘नेमचीप’ (namecheap), ‘गोडैडी’ (godaddy) जैसी किसी अच्छी कम्पनी के वेबसाइट में जाना होगा। वहाँ उनके सर्चबॉक्स में अपने द्वारा निश्चित किये गये डोमेन नाम को प्रविष्ट कर के तथा चेक अव्हेलेबिलिटी बॉक्स को चेक करके पता लगाना होगा कि यह नाम उपलब्ध है या पहले से ही किसी और ने इस नाम को रजिस्टर करवा लिया है। एक बार मनपसंद नाम के उपलब्ध हो जाने पर आप उसे कम से कम एक वर्ष से लेकर अधिकतम जितने भी वर्ष आप चाहें के लिये रजिस्टर कर सकते हैं। यद्यपि अधिक वर्षों के लिये रजिस्ट्रेशन कराने के बहुत सारे फायदे हैं फिर भी आप अपने बजट को ध्यान में रख कर समय सीमा निश्चित करें।

डोमेन नेम (domainname) के रजिस्ट्रेशन हो जाने पर आपको डोमेन नेम (domainname) रजिस्ट्रेशन कम्पनी से एक ईमेल प्राप्त होगा जिसमें आपके ‘डोमेन नेम (domainname) कंट्रोल पेनल’ का लिंक होगा। इस कंट्रोल पेनल में जाकर आप अपने पूरे विवरण, जैसे कि ईमेल पता, घर का पता आदि, की प्रविष्टियाँ कर दें। हाँ, आपको यहाँ बाद में फिर आकर ‘नेम सर्वर्स’ को अपडेट करने का सबसे महत्वपूर्ण काम करना होगा। नेम सर्वर्स को कैसे अपडेट करना है इसकी चर्चा हम आगे चल कर करेंगे।

तो अब आपके पास अपना पसंदीदा डोमेन नेम (domainname) है और अब आपको अपने वेब पेजेस बनाने के लिये एक होस्टिंग कम्पनी की तलाश करनी होगी।

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ब्लॉग भी बनायें (Start a Blog)

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ब्लॉग भी बनायें (Start a Blog)

तो अब तक आपने मुफ्त के सबडोमेननेम (subdomainname) तथा प्रकाशन स्थान (webhosting) उपलब्ध कराने वाले वेबसाइट्स (Websites) में वेबपेज (Webpage) बनाने का अच्छा-खासा अभ्यास कर लिया होगा। इस अभ्यास को जारी रखें और नये नये प्रयोग करते रहें। जितना आप अभ्यास करेंगे उतना ही आपका आत्मविश्वास बढ़ता जायेगा। याद रखें कि किसी क्रिया का अभ्यास और नई चीजें सीखना कभी भी पूर्ण नहीं होता, सदैव जारी रहता है।

अब आप एक काम और करें, गूगल (Google) के ब्लॉगर साइट (blogger site) में जाकर अपना एक ब्लॉग (blog) बना लें। ब्लॉग (blog) बनाना बहुत ही आसान काम है और बिल्कुल मुफ्त में होता है। हाँ तो अपने ब्लॉग में नियमित रूप से रोज कम से कम एक पोस्ट अवश्य ही करें। इससे लेखन का अभ्यास तो जारी रहेगा ही और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती चली जायेगी।

और हाँ, अपने ब्लॉग के साइड बार में अपने सभी मुफ्त वाले बेबसाइट्स (websites) के लिंक्स डाल दें तथा अपने सभी मुफ्त वाले बेबसाइट्स (websites) में अपने ब्लॉग का लिंक डाल दें। इससे आपके ब्लॉग तथा मुफ्त वाले बेबसाइट्स (websites) की सर्च इंजिनों में इंडेक्सिंग आसानी के साथ हो जायेगी और जब भी लोग किसी सर्च इंजिन में सर्च करेंगे तो आपका ब्लॉग तथा मुफ्त वाले बेबसाइट्स (websites) भी सर्च पेजेस में आने लग जायेगा।

तो अब तक आपका आत्मविश्वास इतना बढ़ गया होगा कि आप अपना वास्तविक वेबसाइट(Website) बनाने के लिये बेकरार हो रहे होंगे। किन्तु यह समझ लें कि यदि आप अपने वेबसाइट के प्रति वास्तव में गम्भीर हैं तो आपको कम से कम एक डोमेननेम (Domainname) रजिस्टर कराना होगा और किसी अच्छी कंपनी से वेब होस्टिंग (Web Hosting) भी लेना होगा। वैसे इन दोनों चीजों के लिये कोई बहुत अधिक रकम खर्च नहीं करनी पड़ती। $10-$15 (रु.400 से रु.600 तक) में डोमेननेम (Domainname) रजिस्टर हो जाता है और वेब होस्टिंग (web hosting) के लिये $10-$15 (रु.400 से रु.600 तक) प्रतिमाह खर्च करने होते है।

डोमेननेम (Domainname) कैसे रजिस्टर कराते हैं और वेब होस्टिंग (Web Hosting) कैसे लिया जाता है यह जानने के लिये इस ट्यूटोरियल को आगे पढ़ना जारी रखें।

डोमेननेम रजिस्ट्रेशन

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वेबसाइट बनाने का अभ्यास (Website Design Practice)

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वेबसाइट बनाने का अभ्यास (Website Design Practice)

उम्मीद है कि अब तक आप किसी ऐसे वेबसाइट के सदस्य बन गये होंगे जो कि मुफ्त का सबडोमेननेम (subdomainname) तथा प्रकाशन स्थान (webhosting) उपलब्ध कराते है। यदि आप HTML या किसी प्रकार का कोडिंग करना नहीं आता तो भी चिन्ता की कोई बात नहीं है, निश्चिन्त रहिये क्योंकि प्रायः ये सभी वेबसाइट आपको एचटीएमएल एडीटर्स (HTML Editors) की सुविधा भी प्रदान करते हैं जो कि आपके द्वारा टाइप की गई सामग्री (content) को स्वतः ही एचटीएमएल कोड्स (HTML codes) में परिवर्तित कर देते हैं।

तो अब देर किस बात की है वेबसाइट बनाने का अभ्यास शुरु कर दीजिये। जो कुछ भी मन में आये, टाइप करें, वाक्य बनायें, पैराग्राफ बनायें, सारिणी (tables) बनायें, ग्राफिक्स (graphics), ध्वनि (sound) तथा एनीमेशन्स (animetions) का प्रयोग करें। मतलब यह कि जो मन में आये करें और अपने बनाये वेब पेज (web page) को वेब ब्राउसर (web browser) में देखें। आखिर यह केवल अभ्यास ही तो है। पसंद न आने पर सब कुछ मिटा (delete) करके फिर से कुछ नया बनायें।

इस प्रकार से लगातार अभ्यास करते रहें क्योंकि कहा गया है किः

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान।

रसरी आवत जात ते सिल पर परत निसान॥

तो निष्कर्ष यह है कि अभ्यास करते रहें।

  • कुछ भी, जो भी मन को भाये, बनायें……..
  • फिर मिटा दें……..
  • फिर कुछ नया बनायें……..
  • फिर मिटा दे……..
  • अभ्यास……..
  • और अभ्यास……..
  • और अभ्यास……..
  • केवल अभ्यास……..
  • निरन्तर अभ्यास……..

हमें पूर्ण विश्वास है कि इस प्रकार अभ्यास करते रहने से अन्ततः आप एक सुन्दर, मोहक, सभी को पसंद आने वाला वेब पेज (web page) अवश्य ही बना लेंगे। आप स्वयं देखेंगे कि हमारा यह विश्वास बिल्कुल सही है।

ब्लॉग भी बनायें (Start a Blog)

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मुफ्त सबडोमेननेम (subdomainname) तथा प्रकाशन स्थान (web hosting)

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मुफ्त सबडोमेननेम (subdomainname) तथा प्रकाशन स्थान (web hosting)

केवल वेबसाइट बनाने का अभ्यास करने के लिये अपनी गाढ़ी मेहनत से की हुई कमाई को खर्च कर देना कदापि उचित नही है। अन्तर्जाल (Internet) में ऐसे अनेकों वेबसाइट्स (Websites) हैं जो कि आपको मुफ्त का सबडोमेननेम (subdomainname) तथा प्रकाशन स्थान (webhosting) उपलब्ध कराते है। अपना ब्लोग बनाने के लिए मुफ्त में सबडोमेन और वेबस्पेस उपलब्ध कराने वाला साइट गूगल गूगल है जो आपको ब्लोगस्पॉट.कॉम के अन्तर्गत् इस काम को सम्पन्न करती है। वर्डप्रेस भी मुफ्त में सबडोमेन और वेबस्पेस उपलब्ध कराता है। यदि आप किसी अच्छे सर्च इंजिन (search engine) में फ्री डोमेननेम (free domainname) या फ्री होस्टिंग (free hosting) सर्च करेंगे तो आपको बहुत सारे वेबसाइट्स मिल जायेंगे। आपकी सुविधा के लिये हम यहा पर भी कुछ वेबसाइट्स की सूची उपलब्ध करा रहे है जो कि इस पेज के अंत में आपको मिलेगा।

शायद आपको यह जानने की उत्सुकता हो रही होगी कि कोई मुफ्त का सबडोमेननेम (subdomainname) तथा प्रकाशन स्थान (webhosting) क्यों देगा? तो आपकी उत्सुकता शांत करने के लिये हम आपको बताना चाहेंगे कि आपके बनाये हुये वेबसाइट (website) से वे लोग विज्ञापन के द्बारा आमदनी कर लेते है क्योंकि आपके बनाये वेबसाइट में केवल उन्हीं के विज्ञापन स्वतः ही आ जाते हैं। पर कुछ ऐसे वेबसाइट भी है जो कि बिना विज्ञापन वाली सुविधा उपलब्ध कराते है क्योंकि उनकी दी हुई सुविधा अतिउत्तम किन्तु सीमित होती है जिससे पसंद आ जाने पर लोग उनकी पूर्ण सुविधायें खरीद लेते है।

मुफ्त सबडोमेननेम (subdomainname) तथा प्रकाशन स्थान (webhosting) उपलब्ध कराने वाले वेबसाइट्स (websites) की सूची:

(यह लिस्ट बहुत पुरानी है इसलिए हो सकता है कि कुछ यूआरएल काम न करें।)


वेबसाइट बनाने का अभ्यास (Website Design Practice)

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वेबसाइट (website) की रूपरेखा (design) तैयार करना

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वेबसाइट (website) की रूपरेखा (design) तैयार करना

यह निश्चय कर लेने के बाद कि आपके वेबसाइट (website) का लक्ष्य क्या है और उसे देखने के लिये किस प्रकार के लोग आयेंगे, आपको अपने वेबसाइट (website) की रूपरेखा (design) तैयार करनी होगी। दर्शकदीर्घा (audience) के लोगों को ध्यान में रख कर सोचना होगा कि आप ग्राफिक्स (graphics) का प्रयोग करेंगे या नहीं। क्या एनीमेशन (animation) या संगीत (music) का प्रयोग उचित होगा? आदि, आदि। एक बार रूपरेखा (design) तैयार कर लेने के बाद आपको अपने वेबसाइट के प्रत्येक पेज को उसी रूपरेखा के अनुसार बनाना होगा।

किसी भी वेबसाइट के लिये उसके अन्तर्गत प्रदान की गई पठन सामग्री (content) का सर्वाधिक महत्व होता है। एक बहुत सुन्दर वेबसाइट (website) में यदि पढ़ने के लिये कुछ भी रोचक सामग्री न मिले तो कोई भी उसे पसंद नहीं करेगा। इसके विपरीत किसी सामान्य वेबसाइट (website) में भी यदि आकर्षक पठन सामग्री (content) हो तो लोग अवश्य ही उस वेबसाइट (website) में आते हैं और यदि उसको सामान्य के स्थान पर अतिसुन्दर बना दिया जाये तो सोने में सुहागा हो जाता है। अतः आपको अपने वेबसाइट (website) के लिये ऐसे संदेशों का निर्माण करना होगा जिसे लोग पसंद करें। इसके लिये आपको अपनी कल्पना शक्ति को तीक्ष्णतम बनाना होगा। मेरा विश्वास है कि प्रयास करने पर आप अच्छे लेख लिख ही लेंगे किन्तु यदि आपको लगता है कि शायद आप इस कार्य के लिये सक्षम नहीं हैं तो किसी व्यवसायिक लेखक की सेवायें प्राप्त कर सकते हैं।

पर एक बात हमेशा ध्यान में रखें कि किसी दूसरे की रचना का उपयोग आप अपने वेबसाइट में करते हैं तो उनसे पूर्व अनुमति प्राप्त कर लें और दूसरों की रचना की चोरी तो कदापि न करें।

यह भी जान लें कि किसी समाचार पत्र या पत्रिका के लिये लिखे गये लेख और किसी वेबसाइट के लिये लिखे गये लेख में बहुत अन्तर होता है। समाचार पत्र या पत्रिका में केवल पढ़ने के लिये ही सामग्री होती है किन्तु वेबसाइट (website) में देखने व सुनने के लिये भी चीजें होती हैं जैसे कि फोटो (photos), ग्राफिक्स (graphics), संगीत (music), व्हीडियो (videos) आदि। तो खूब सोच समझ कर फोटो (photos), ग्राफिक्स (graphics), संगीत (music), व्हीडियो (videos) आदि का प्रयोग करके अपने वेबसाइट (website) को अधिक से अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास करें। किन्तु बड़े आकार वाली फाइलों का प्रयोग न करें क्योंकि उनसे वेबसाइट (website) के लोड होने में देर होने लगती है और दर्शकदीर्घा (audience) के लोग प्रतीक्षा करना बिल्कुल पसंद नहीं करते।

अलग अलग लोग अलग अलग प्रकार के पर्सनल कम्प्यूटर (personal computers) प्रयोग करते हैं और यह आवश्यक नहीं है कि आपका वेबसाइट (website) प्रत्येक कम्प्यूटर (computer) में लोड होने के लिये एक समान समय ले। वेबसाइट के लिये सामग्री लिखते समय ध्यान में रखें कि छोटी सामग्री ही अत्यधिक उपयुक्त होती है अर्थात् आपको ‘गागर में सागर’ वाली उक्ति का प्रयोग करना होगा।


अन्तर्जाल से मुफ्त सबडोमेननेम (subdomainname) तथा प्रकाशन स्थान (web hosting) प्राप्त करें

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अपने उदद्देश्य (objectives) को परिभाषित करें।

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अपने उदद्देश्य (objectives) को परिभाषित करें।

एक वेबसाइट (website) बनाने के अनेकों उद्देश्य (objectives) हो सकते हैं। बहुत से लोग केवल शौकिया तौर पर अपने वेबपेज (webpage) बनाते हैं जिसका उद्देश्य केवल मनोरंजन या नाम कमाना या व्यक्तिगत विकास होता है। आपने बहुत से ऐसे भी वेबपेजेस (webpages) देखे होंगे जिन्हें देख कर किसी भी प्रकार के उद्देश्य का पता ही नहीं चलता। उनका उद्देश्य केवल अपना नाम, अपना पता, अपना तथा अपने परिवार के फोटोग्राफ और यहाँ तक कि घर के कुत्ते-बिल्लियों के चित्र को प्रदर्शित करना होता है। तात्पर्य यह है कि इस प्रकार के वेबपेजेस (webpages) को बनाने वाले का उद्देश्य केवल उद्देश्यहीन वेबसाइट (website without objectives) बनाना ही होता है। ऐसे वेबसाइट (website) को लोग देखते ही बन्द भी कर देते हैं।

किन्तु आप समझ लें कि आप कोई उद्देश्यहीन वेबसाइट (website) नहीं बना रहे हैं। अपना वेबसाइट (website) बनाने के पीछे आपका एक विशिष्ट उद्देश्य है। इसीलिये आपको अपना वेबसाइट (website) बनाते समय एकदम स्पष्ट होना चाहिये कि वेबसाइट (website) बनाने के पीछे आपका लक्ष्य (goal) क्या है क्योंकि वेबसाइट (website) की रूपरेखा कैसी हो और उसमें पठन सामग्री (content) क्या रखा जाये यह आपके लक्ष्य पर ही निर्भर रहता है।

वेबपेज विकसित करने का आपका ज्ञान (knowledge of web page development)आपकी आजीविका (career) के लिये भी सहायक हो सकता है। आजकल सभी प्रकार के व्यवसायों के लिये अपना वेबसाइट बनाना एक प्रकार से जरूरी हो गया है इसलिये वेब डेव्हलपर्स (web developers) का महत्व तथा मूल्य भी बढ़ गया है।

आप अपने द्वारा बनाये गये वेबपेजेस (webpages) से बैठे बिठाये अच्छी खासी कमाई भी कर सकते हैं क्योंकि वर्तमान में अधिकतर लोग वेबसाइट के जरिये ही विज्ञापन देना पसंद करते हैं। किन्तु स्मरण रखें कि सिर्फ अच्छे और आकर्षक वेबसाइट के द्वारा ही कमाई किया जा सकता है। यदि लोग किसी वेबसाइट को अनाकर्षक होने के कारण खोलते ही बन्द कर देंगे तो कमाई क्या खाक होगी? तो इस बात को कभी भी न भूलें कि यदि आपके वेबसाइट में आकर्षण होगा तो बहुत अधिक संख्या में लोग अत्यन्त रुचि के साथ वहाँ पर आयेंगे भी और आपका आर्थिक फायदा भी अवश्य ही होगा।


अपने वेबपेज की रूपरेखा तैयार करें

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अपना वेबसाइट बनायें (Create your own Website/Blog)

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वेब डिजाइन मार्गदर्शिका (Web Design Guide)

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अपना वेबसाइट बनायें

बहुत लोगों के मन में अपना शौकिया वेबपेज (webpage) या व्यवसायिक वेबसाइट (website) बनाने की इच्छा रहती है किन्तु वेब डिजाइन (web design) का ज्ञान न होने के कारण उनकी इच्छा मन में ही दबी रह जाती है। यह वेब डिजाइन मार्गदर्शिका (Web Design Guide) ऐसे ही लोगों के मार्गदर्शन के लिये बनाया गया है।

वेब साइट (website) बनाने के लिये बहुत कम वस्तुओं की आवश्यकता होती है और अन्तर्जाल (Internet) में अधिकतर वस्तुएँ मुफ्त में ही मिल जाती हैं। दूसरे शब्दों में कहा जाये तो वेब साइट (website) बनाने के लिये आपको कोई बहुत बड़ी रकम खर्च करने की कतइ जरूरत नहीं है। सिर्फ आपको यह जानना जरूरी है कि आखिर शुरुवात कैसे करें।


आरम्भ कैसे करें

किसी भी कार्य को शुरु करना बहुत मुश्किल जान पड़ता है किन्तु वास्तव में ऐसा नही है। यदि आप में सीखने की तीव्र इच्छा है तो आप किसी भी नये काम की शुरुवात बड़ी आसानी के साथ कर सकते है और आपको यदि किसी अनुभवी से मार्गदर्शन भी मिल जाये तो शुरुवात करना चुटकी बजाने जैसा आसान हो जाता है। यह वेब डिजाइन मार्गदर्शिका (Web Design Guide) आपके मार्गदर्शन के लिये ही तैयार किया गया है। बस इसे पढ़ते जाइये और आपका वेबसाइट तैयार होता चला जायेगा। इस वेब डिजाइन मार्गदर्शिका (Web Design Guide) में इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि आपकी जेब से रकम खर्च न हो और यदि हो भी तो नहीं के बराबर। तो सबसे पहले आप यह जान ले कि अपना वेबसाइट बनाने के लिये आपको किन चीजों की आवश्यकतायें होंगी।


आवश्यकताएँ

अपना वेब साइट (website) बनाने के लिये क्या क्या आवश्यक हैं इसकी लिस्ट हम नीचे दे रहे हैं:

  • कम्प्यूटर का मूलभूत ज्ञान (basic computer skills)
  • पर्सनल कम्प्यूटर (access to a personal computer)
  • अन्तर्जाल (Internet) की सुविधा (access to the Internet)
  • आपके वेबसाइट के लिये एक अच्छा सा और उचित डोमेननेम और वर्ल्ड वाइड वेब में आपके वेब साइट के प्रकाशन के लिये स्थान (a place on the world wide web to publish your page)
  • आरम्भ करने के लिये फिलहाल इतनी ही आवश्यकतायें होंगी बाद की आवश्यकताओं की चर्चा हम आगे करेंगे।

अगले कदम

अब यह भी जान लें कि आपको क्या क्या करना होगा:

  • अपने उदद्देश्य (objectives) को परिभाषित करें।
  • अपने वेबपेज की रूपरेखा तैयार करें (design your webpages)।
  • अन्तर्जाल से कोई मुफ्त सबडोमेननेम (subdomainname) तथा प्रकाशन स्थान (web hosting) प्राप्त करें।
  • अपने वेबसाइट (website) का निर्माण करें।
  • अपने वेबसाइट को प्रमोट करें (promote your website)।

अगला पोस्टः अपने उदद्देश्य (objectives) को परिभाषित करें।

अगला पोस्टः
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