Archives for कम्प्यूटर
कम्प्यूटर ज्ञान क्विज (Computer Hindi Quiz in Hindi – Computer Based Questions For Bank PO Exam)
कम्प्यूटर ज्ञान से सम्बन्धित 10 प्रश्नों वाली इस अंग्रेजी भाषा की प्रश्नावली को SUNIL PARMAR (B.E. & MBA) FROM- ICHHAWAR, SEHORE (M.P.) ने बना कर भेजा है। हिन्दी वेबसाइट उनके इस सहयोग के लिए आभारी है। आप भी प्रश्नावली बनाकर gkawadhiya@gmail पते पर भेज सकते हैं। उपयोगी तथा विशिष्ट जानकारी वाले लेखों का भी हिन्दी वेबसाइट में स्वागत् है!
कम्प्यूटर ज्ञान क्विज (Computer Hindi Quiz in Hindi – Computer Based Questions For Bank PO Exam)
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Please go to कम्प्यूटर ज्ञान प्रश्नावली – 4 (Computer Quiz in Hindi- Computer Based Questions For Bank PO Exam) to view the quizकम्प्यूटर ज्ञान क्विज (Computer Hindi Quiz in Hindi)
कम्प्यूटर ज्ञान से सम्बन्धित 10 प्रश्नों वाली इस अंग्रेजी भाषा की प्रश्नावली को SUNIL PARMAR (B.E. & MBA) FROM- ICHHAWAR, SEHORE (M.P.) ने बना कर भेजा है। हिन्दी वेबसाइट उनके इस सहयोग के लिए आभारी है। आप भी प्रश्नावली बनाकर gkawadhiya@gmail पते पर भेज सकते हैं। उपयोगी तथा विशिष्ट जानकारी वाले लेखों का भी हिन्दी वेबसाइट में स्वागत् है!
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कम्प्यूटर ज्ञान से सम्बन्धित 10 प्रश्नों वाली इस अंग्रेजी भाषा की प्रश्नावली को सुनील परमार जी ने बना कर भेजा है। हिन्दी वेबसाइट उनके इस सहयोग के लिए आभारी है। आप भी प्रश्नावली बनाकर gkawadhiya@gmail पते पर भेज सकते हैं। उपयोगी तथा विशिष्ट जानकारी वाले लेखों का भी हिन्दी वेबसाइट में स्वागत् है!
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कम्प्यूटर ज्ञान से सम्बन्धित 10 प्रश्नों वाली इस अंग्रेजी भाषा की प्रश्नावली को सुनील परमार जी ने बना कर भेजा है। हिन्दी वेबसाइट उनके इस सहयोग के लिए आभारी है। आप भी प्रश्नावली बनाकर gkawadhiya@gmail पते पर भेज सकते हैं। उपयोगी तथा विशिष्ट जानकारी वाले लेखों का भी हिन्दी वेबसाइट में स्वागत् है!
Please go to कम्प्यूटर ज्ञान प्रश्नावली – 1 (Computer Quiz in Hindi – Computer Based Questions For Bank PO Exam) to view the quizश्री मुकेश कैन द्वारा प्रेषित
आज कल हर व्यक्ति का एक अतिरिक्त खर्चा है, कंप्यूटर या लैपटॉप को समय के अनुसार बदलना या यूँ कहें कि उसे अपडेट करना। अपनी तिजोरी भरने के लिए माइक्रोसोफ्ट और इंटेल ने जो चाल अपनाया है, उसमें हम बुरी प्रकार से फँसे हुए हैं। माइक्रोसॉफ्ट अपनी विंडोज को हल्के बदलाव के साथ मार्केट में उतारता है तथा ऊँचे दामों में बेच कर पैसा बनाता है और इंटेल उस नई विंडोज के लिए नया प्रोसेसर (या दूसरे शब्दों में कहे तो नया कंप्यूटर या लैपटॉप) बनाता है जिसे खरीदना हमारी मजबूरी है क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट का नया विंडोज हमारे कम्प्यूटर के पुराने प्रोसेसर में चलता ही नहीं है। हम नई विंडो और उसके फीचर्स के मोह में फँसे हुए नया कंप्यूटर या लैपटॉप भी खरीद लेते है। यही क्रम सालो से चलता आ रहा है। इसी अपग्रेड और अपडेट के चक्कर में इन दो कंपनियों ने हमें उलझाया हुआ है जबकि ये चाहें तो हमें अपडेट उसी विंडो में भी डे सकते है, मगर उनसे ये अमीर नहीं हो पायेंगे।
आज कल मार्केट में नया ओप्रिटिंग सिस्टम आया है जिसका नाम है एंड्रोइड। अगर आप ई-मेल, ब्रोउजिंग, वीडियो देखना अथवा चेटिंग करना चाहते है तो सबसे फास्ट है ये एंड्रोइड, सेकेंडो में खुलता और बंद होता है। फास्ट सर्फिंग होती है, बिना बफरिंग के नोर्मल स्पीड के इन्टरनेट पर वीडियो देखा जा सकता है। अगर आप का इस्तेमाल इतना ही है तो मार्केट में हलके टेबलेट मार्केट में एंड्रोइड फॉर प्लस के वेर्सन में उपलब्ध है जो चलने में हलके, वजन में हलके और आप की जेब पर भी हलके है। चाइना ब्रांड 3000 से 5000 हजार में उपलब्द है और ब्राण्डेड 5000 से 10-11 हजार में खरीद सकते है। इसे आप अपने पुराने कंप्यूटर या पुराने लेपटोप जिसे आप रिटायर करने का प्रोग्राम बना रहे हो उस कंप्यूटर में डाल कर उसे नए से भी तेज की स्पीड में चला सकते है, आप चाहे तो कम्प्यूटर को फॉर्मेट करने की भी जरूरत नहीं है आप इसे पेन ड्राइव में डाल कर डुएल बूट के साथ इसे चला सकते है। इसके लिए मार्केट में प्रोग्रामिंग अथवा डिजाइनिंग के सॉफ्टवेर अभी उपलब्ध नहीं है, जब आ जायेंगे तो ये परफेक्ट ओ एस हो जाएगा। अगर आप लोगो को ये ओ एस कम्प्यूटर में डालने में कोई दिक्कत होती है तो गूगल में सर्च कर सकते है या अगले लेख में में आप को सिखा दूँगा। तब तक के लिए एन्जॉय करें।
रिबन

माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस बटन तथा क्विक एक्सेस बार के ठीक नीचे की पट्टी रिबन कहलाती है, जो कि एक पैनल होता है। रिबन में सात टैब्स होते हैं – होम (Home), इंसर्ट (Insert), पेज लेआउट (Page Layout), रेफरेंसेस (References), मेलिंग्स (Mailings), रिव्ह्यू (Review), और व्हियु (View) । इन टैब्स में ही वर्ड की सारी पुरानी तथा नई विशेषताएँ (features) समाहित होती हैं। प्रायः प्रयोग किए जाने वाली विशेषताएँ रिबन में ग्रुप के रूप में दिखाई देती हैं। प्रत्येक ग्रुप की अन्य विशेषताओं को देखने के लिए उनके नीचे दिए गए तीर की तरह की निशान को क्लिक करना पड़ता है।
अगला ट्यूटोरियल
परिचय
हममें से अधिकतर लोगों ने बरसों ऑफिस 1997 तथा 2003 में का किया है। जब ऑफिस 1997 अपडेट होकर ऑफिस 2003 के रूप में हमारे समक्ष आया तो उसका परिवेश लगभग ऑफिस 1997 के जैसा ही था किन्तु एमएस ऑफिस के नये अपडेट ऑफिस 2007 में तो उसका पूरा परिवेश ही बदल गया। न तो हमें पहले जैसे मेनू मिलते हैं और न ही सब मेनू। अतः सबसे पहले ऑफिस 2007 के परिवेश को समझना आवश्यक है।

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में बाईं ओर सबसे ऊपर जो लोगो जैसा बना है वह माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस बटन कहलाता है। इस बटन को क्लिक करने पर वे सारे सब मेनू दिखाई देने लगते हैं जो कि ऑफिस 2003 के फाइल मेनू को क्लिक करने पर दिखाई देते थे।
माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस बटन से लगा हुआ जो भाग है वह क्विक एक्सेस टूलबार कहलाता है। आप इस पर राइट क्लिक करके इसे कस्टमाइज कर सकते हैं या हटा भी सकते हैं।
क्विक एक्सेस टूलबार में नए कमांड जोड़ने के लिए उसके दाईं ओर के एरो को क्लिक करें तथा खुलने वाले ड्रॉप डाउन लिस्ट से उस कमांड को सेलेक्ट कर लें जिसे आप क्विक एक्सेस टूलबार में जोड़ना चाहते हैं।
लेखः मुकेश कैन
एक छोटी सी गलती और डाटा गायब!
किसी ने अनजाने में डाटा ड्राईव को फॉर्मेट कर दिया तो डाटा गायब!
किसी जरुरी फाइल को शिफ्ट के साथ डिलीट दबा दिया और फाइल पूरी तरह से कंप्यूटर से गायब!
क्या करेंगे आप अगर ऐसा हो जाये तो?
कम्प्यूटर से महत्वपूर्ण डाटा डिलीट हो जाने पर आम लोगो को डाटा रिकवरी वालो के पास जाना पड़ता है, जिसका वो 2000 से 20000 तक या उससे भी ज्यादा चार्ज करते है। और अगर डाटा रिकवरी सॉफ्टवेर खरीदना चाहें तो ये सॉफ्टवेयर आम आदमी की खरीद से बाहर होते हैं। क्योकि आम आदमी को इस तरह के सॉफ्टवेयर की कम ही जरूरत होती है। लेकिन जब जरूरत होती है तो आसानी से मिलना मुश्किल होता है। यदि किसी साईट पर मिलते भी हैं तो वे डेमो वर्जन होते हैं, जिनका आप पूरीतरह से उपयोग ही नहीं कर सकते।
आइये ले चलते है आप को एक फुल वर्जन फ्री सॉफ्टवेयर की तरफ। और एक सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने वाली अच्छी सॉफ्टवेर साईट की तरफ जहा से आप जरूरत के फ्री सॉफ्टवेयर्स आसानी से डाउनलोड कर सकते है -
http://www.filehippo.com/download_recuva/download/538dee0c339f04561301a77744a5fc60/
इस साइट के माध्यम से आपके कंप्यूटर में rcsetup142.exe फाइल डाउनलोड हो जायेगी जिसके माध्यम से आप डिलीट अथवा गलती से फॉर्मेट की हुई पेन ड्राइव, हार्ड ड्राइव, एक्सटर्नल ड्राइव से डाटा रिकवर कर सकते हैं, वह भी बगैर किसी की मदद से तथा फ्री! यह हर प्रकार से आपकी मदद करेगा। आप की फोटो, वीडियो, अथवा दोकुमेंट रिकवर कर देगा अगर डिलीट फाइल है तो नार्मल रिकवर से फाइल रिकवर हो जायेगी और अगर फॉर्मेट ड्राइव है तो डीप स्केन से काम हो जायेगा।
तो rcsetup142.exe डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे
http://www.filehippo.com/download_recuva/download/538dee0c339f04561301a77744a5fc60/
और बाकी काम के सॉफ्टवेर डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे
हिंदी टाइपिंग से अनभिज्ञ बहुत से लोगों को भ्रम होता है कि कंप्यूटर पर हिंदी टाइप करने के लिए टाइपिंग सीखनी पड़ती है लेकिन यह आवश्यक नहीं है। आजकल यूनिकोड के आगमन के पश्चात हिंदी टाइपिंग हेतु कई फोनेटिक टूल उपलब्ध हैं जिनसे आप इंग्लिश में लिखेंगे और वह अपने आप हिंदी में बदल कर टाइप हो जाएगा। मैं हिंदी और इंग्लिश समान गति से लिखता हूँ जबकि मैंने हिंदी टाइप करना कभी नहीं सीखा। अतः नए लोगों को यह बात मन से निकाल देनी चाहिए कि हिंदी के लिए अलग से टाइपिंग सीखने की ज़रूरत होती है। चूँकि आजकल यूनिकोड हिंदी प्रचलन में है अतः इसी को सीखने की बात करते हैं।
हिंदी दिखाई न देने की समस्या
पहले बात करते हैं आपके कंप्यूटर तथा साइटों पर हिंदी टैक्स्ट दिखाई न देने की। आपके पास विंडोज़ चाहे कोई भी हो उसमें हिंदी दिखाई देने के लिए बस एक अदद यूनिकोड हिंदी फॉन्ट चाहिए। विंडोज़ एक्स पी में मंगल नाम का यूनिकोड फॉन्ट पहले से ही होता है। दूसरी विंडोज के लिए आप यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं। इसको डाउनलोड करके विंडोज फॉन्ट्स डायरेक्ट्री में कॉपी कर दीजिए, जो कि आमतौर पर होती है, यह इंस्टाल हो जाएगा। अधिकतर मामलों में हिंदी न दिखाई देने का यही कारण होता है। वेबसाइटों पर हिंदी दिखाई न देने का दूसरा कारण हो सकता है आपके ब्राऊजर में Character Encoding का सही न होना। इसके लिए अपने ब्राऊज़र के View मीनू में Character Encoding को Unicode (UTF-8) पर सैट करें। इस प्रक्रिया को चित्र सहित विस्तार से यहाँ समझाया गया है। ऐसा करने के बाद आपका ब्राऊजर में हिंदी अच्छी तरह दिखाई देगी। यदि अब भी आपको हिंदी ठीक से नहीं दिख रही तो अधिक जानकारी हेतु इस लिंक पर जाएँ।
हिंदी टाइपिंग
अब बात आती है हिंदी टाइपिंग की। यद्यपि सामान्य ऐप्लीकेशनों जैसे वर्डप्रैड, इंटरनेट एक्सप्लोरर आदि में हिंदी टाइप करने के लिए एक यूनिकोड फॉन्ट का होना ही पर्याप्त है लेकिन विंडोज़ में हर जगह हिंदी लिखने हेतु हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं का सपोर्ट इनेबल किया जाना चाहिए।
विंडोज में हिंदी सपोर्ट इनेबल करना
विंडोज एक्स पी में इसके लिए Control Panel>Regional and Language Options में जाएँ। इसके बाद Languages टैब पर क्लिक करके Supplemental language support में Install files for complex script and right-to-left languages (including Thai) चैकबॉक्स को सलेक्ट करें तथा OK पर क्लिक करें। अब आपसे विंडोज़ एक्स पी की सीडी माँगी जाएगी जिसके उपरांत इंस्टालेशन प्रकिया संपन्न होगी।
उपरोक्त प्रक्रिया विस्तार से अन्य सभी ऑपरेटिंग सिस्टमों सहित विकिपीडिया पर इस लेख में विस्तार पूर्वक समझाई गई है:
Help Multilingual support (Indic)
एक बार ऐसा कर लेने के बाद आप विंडोज़ में सभी यूनिकोड समर्थित ऐप्लीकेशनों आदि समेत हर जगह हिंदी में लिख सकते हैं यहाँ तक कि फ़ाइलों के नाम भी हिंदी में दे सकते हैं।
हिंदी टाइपिंग की विधियाँ
हिंदी टाइपिंग की वैसे तो कई विधियाँ हैं पर प्रचलन में निम्न तीन हैं :
- रेमिंगटन टाइपिंग: यह वाला सबसे पुराना और अब काफ़ी हद तक आउटडेटेड तरीक़ा है। यह एक टच टाइपिंग विधि है। इसके लिए पहले से टाइपराइटर पर हिंदी टाइपिंग सीखी होनी चाहिए। यह सिर्फ़ उनके लिए उपयोगी है जिन्होंने पहले से टाइपराइटर पर हिंदी टाइपिंग सीखी हो तथा इसके अभ्यस्त हों। कंप्यूटर पर नए सिरे से सीखने हेतु यह उपयुक्त नहीं।
- इनस्क्रिप्ट टाइपिंग: इसका विकास भारत सरकार के राजभाषा विभाग ने किया था। यह भी एक टच टाइपिंग प्रणाली है। यह विधि भारतीय भाषाओं में टाइपिंग की सर्वाधिक वैज्ञानिक विधि है। इस विधि से कंप्यूटर पर सर्वाधिक गति से हिंदी टाइप की जा सकती है। यद्यपि यह हिंदी टाइपिंग की सर्वश्रेष्ठ विधि है लेकिन इसके लिए भी कुछ समय (एकाध हफ्ते से लेकर महीने तक) अभ्यास करना पड़ता है।
- फोनेटिक टाइपिंग: यह हिंदी टाइप करने का सबसे आसान तथा वर्तमान में सर्वाधिक प्रचलित तरीक़ा है। इसकी ख़ासियत है कि इसे सीखने में बिल्कुल समय नहीं लगता। आप सीधे हिंदी में लिखना शुरू कर सकते हैं। उदाहरण के लिए आपको ‘राम’ लिखना है तो आप टाइप करेंगे ‘raama’। यह भारतीय भाषाओं के ध्वन्यात्मक गुण (Phonetic Property) पर आधारित हैं अर्थात ”जैसा बोला जाता है वैसे ही लिखा जाता है”। अतः इंटरनेट
पर अधिकतर हिंदी प्रयोगकर्ता इसी विधि का उपयोग करते हैं। अधिकतर नई साइटें तथा सॉफ्टवेयर भी इसी को अपना रहे हैं तथा अतः अब मैं इसी के बारे में चर्चा करूँगा।
फोनेटिक हिंदी टाइपिंग के लिए दो तरह के टूल उपलब्ध हैं: ऑनलाइन और ऑफ़लाइन
- ऑनलाइन टूल: ऑनलाइन वालों में आप टूल की साइट पर जाकर वहाँ हिंदी में टाइप करके फिर उसे कॉपी करके जहाँ लिखना हो वहाँ पेस्ट करते हैं। इसलिए यह तरीका उपयुक्त नहीं, इसमें कॉपी पेस्ट का झंझट है।
दूसरा चूँकि ये टूल अधिकतर सर्वर पर आधारित होते हैं अतः इनकी टाइपिंग स्पीड कम होती है। इन टूल का एकमात्र लाभ यह है कि अपने कंप्यूटर से दूर होने पर (घर से बाहर आदि) आप बिना कोई टूल डाउनलोड किए साइट पर जाकर हिंदी लिख सकते हैं। उदाहरण के लिए हिंदिनी तथा यूनीनागरी नामक टूल। इस टूल द्वारा हिंदी टाइप का डेमो देखने हेतु QuillPad पर जाए। - ऑफलाइन टूल: दूसरी ओर ऑफलाइन टूल को एक बार डाउनलोड करके उससे किसी भी विंडोज़ ऐप्लीकेशन जैसे वर्डपैड, IE, गूगल टॉक आदि में कहीं भी सीधे हिंदी लिख सकते हैं। इस तरह के टूल्स को फोनेटिक IME (Input Method Editor) कहा जाता है। नियमित प्रयोग के लिए यही टूल उपयुक्त होते हैं। इन टूल्स की स्पीड तेज़ होने के साथ ही इनके द्वारा लिखना कहीं अधिक सुविधाजनक होता है। इसके अतिरिक्त इनमें कई अन्य फंक्शन भी होते हैं।तीन सर्वाधिक प्रचलित IME हैं: Baraha IME, HindiWriter तथा Hindi Indic IME
तीनों की अपनी अपनी खूबियाँ (Pro) तथा कमियाँ (Cons) हैं। इस बारे में विस्तार से जानने के लिए यह तुलनात्मक
समीक्षा पढ़िए।
HindiWriter केवल हिंदी के लिए है।
BarahaIME अधिकतर भारतीय भाषाओं में कार्य करता है। Indic IME में हिंदी के लिए Hindi Indic IME यहाँ से डाउनलोड करें, अन्य भाषाओं के लिए यहाँ जाएँ।
Indic IME में रेमिंगटन तथा इनस्क्रिप्ट के कीबोर्ड भी हैं। अगर आपको इनमें से कोई टाइपिंग पहले से आती है तो
Indic IME प्रयोग करें। रेमिंगटन के लिए तो एकमात्र विकल्प यही है, इनस्क्रिप्ट के लिए विंडोज़ एक्स पी तथा विंडोज़
विस्टा में अंतनिर्मित डिफॉल्ट कीबोर्ड भी होता है।
BarahaIME उपरोक्त तीनों में सरलतम टूल है। इसे डाउनलोड तथा इंस्टाल करें। Run करने पर BarahaIME का Icon आपके Taskbar में System Tray में आ जाएगा। System Tray Icon पर राइट क्लिक करिए तथा Language > Hindi चुनिए। अब आप हिंदी में टाइप करने के लिए तैयार हैं। कोई भी शब्द हिंदी में टाइप करने हेतु उसकी समांतर स्पैलिंग इंग्लिश में टाइप कीजिए, उदाहरण के लिए ‘मेरा भारत महान’ लिखने के लिए टाइप कीजिए ‘meraa bhaarata mahaana’. हिंदी तथा अंग्रेज़ी में Switch करने के लिए F11 या F12 कुँजी का प्रयोग करें अर्थात एक साथ दोनों भाषाओं में लिखा जा सकता है।
BarahaIME द्वारा हिंदी टाइपिंग की विधि इस Quick Start Guide में चित्रों समेत अच्छी तरह बताई गई है।
एकाध हफ्ते में ही आपकी अच्छी स्पीड बन जाएगी और समय के साथ बढ़ती जाएगी। अंत में अधिक क्या कहूँ हिंदी में लिखने का आनंद तो इसका प्रयोग शुरू करने के बाद ही समझा जा सकता है।
अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम
लिनक्स के अधिकतर नए संस्करणों में रेमिंगटन, फोनेटिक तथा इनस्क्रिप्ट तीनों प्रकार के कीबोर्ड अंतर्निमित होते हैं। मैकिंटोश हेतु केवल इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड उपलब्ध है।



