Archives for भारतीय भोजन
सामग्री
- 2 आलू बड़े साइज के
- 2 बड़े चम्मच अरारोट
- 2 चम्मच सोया सॉस
- 2 चम्मच टमाटर सॉस
- 2 चम्मच चिली सॉस
- नमक स्वादानुसार
- तेल तलने के लिए
विधि
आलू को अच्छी तरह से धोकर छील लें और लंबे बराबर आकृति के टुकड़ों में काट लें। एक बाउल में आलू और सभी सॉस एवं नमक मिला लें तथा अरारोट से आलू को कव्हर करें और पाँच मिनट के लिए रख दें। कढ़ाई में तलने के लिए तेल डाल कर गरम करें तथा मध्यम गरम हो जाने पर आलू को धीरे-धीरे डालें। हल्का सुनहरा होने पर निकाल लें।
आपका फिंगर चिप्स (Finger Chips) सर्व करने के लिए तैयार हैं।
रेसिपीः शुचि
इस चटनी को खासतौर पर व्रत के दिनों के लिए तैयार किया गया है. इस चटनी में आइरन, और विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है और यह व्रत के लिए बहुत उम्दा रहती है.
सामग्री
- (½ कप चटनी के लिए)
- धनिया पत्तियां 50 ग्राम
- हरी मिर्च 1-2
- सेंधा नमक ½ चम्मच
- नींबू का रस 1 बड़ा चम्मच
बनाने की विधि
धनिया के मोटे डंठल निकालकर उसे अच्छे से धो लें और मोटा-मोटा काट लें. हरी मिर्च का डंठल हटा कर और उसे अच्छे से धो लें. धनिया पत्ती और हरी मिर्च को ग्राइंडर में महीन पीस लें, अगर ज़रूरत हो तो बहुत थोड़ा सा पानी मिलाइए. अब सेंधा नमक और नीबू का रस डालकर चटनी को अच्छे से मिलाइए या फिर कुछ सेकेंड्स के लिए ग्राइंडर में और चलाइए.
फलाहारी चटनी खाने के लिए तैयार है. किसी भी फलाहारी नाश्ते जैसे की सिंघाड़े के पकोड़े या फिर साबूदाने के कट्लेट के साथ परोसें.
स्रोतः http://www.chezshuchi.com/Phalhari%20Chutneyh.html
सामग्री
(½ कप चटनी के लिए)
- धनिया पत्तियां 50 ग्राम
- हरी मिर्च 1-2
- सेंधा नमक ½ चम्मच
- नींबू का रस 1 बड़ा चम्मच
रेसिपीः शुचि
सामो/ समा चावल आमतौर पर व्रत के दिनों में खाए जाने वाले एक विशेष प्रकार के चावल हैं. देखने में यह चावल सूजी से थोड़े बड़े और दलिया से थोड़े छोटे दाने जैसे होते हैं. मैने यह पुलाव एक विशेष फरमाइश पर पहली बार बनाया था सामो पुलाव और सभी को बहुत पसंद आया. आप चाहें तो बिना व्रत के भी बना सकते हैं यह स्वादिष्ट पुलाव बदलाव के लिए.. वैसे कुछ परिवारों में यह चावल व्रत के दिनों में नही खाया जाता है तो आप अपने परिवार की परंपरा के अनुसार बनाए व्रत का खाना..
सामग्री
(4 लोगों के लिए)
- सामो राइस 1 कप
- आलू 2 मध्यम
- मूँगफली 1/3 कप
- हरी मिर्च 2-4
- जीरा 1 छोटा चम्मच
- नमक 1½ छोटा चम्मच/ स्वादानुसार
- घी 2 बड़ा चम्मच
- नीबू का रस 1 बड़ा चम्मच
- कटा हरा धनिया 1 बड़ा चम्मच
- पानी 2 कप
बनाने की विधि
सामो चावल को बीनकर धो लें. अब इसे पानी में 5 मिनट के लिए भिगो दें. 5 मिनट बाद भीगे चावल का पानी निकाल दें और इसे छलनी में छोड़ दें जिससे कि चावल का अतिरिक्त पानी निकल जाए.
हरी मिर्च का डंठल हटा कर और उसे अच्छे से धो कर महीन-महीन काट लें. आलू को छीलकर, धो लें, और फिर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें.
अब एक नॉन-स्टिक कड़ाही में तेल गरम करिए. जीरा डालिए, जब जीरा रंग बदले तब मूँगफली डालिए और भूनिए. मूँगफली को पूरी तरह से भूनने में 4-6 मिनट का समय लगता है. मूँगफली भुन जाने पर सौंधी सी खुश्बू आती है.
अब इसमें कटी हरी मिर्च डालें और कुछ सेकेंड्स के लिए भूनें. अब डालिए कटे आलू . आलू को भी एक मिनट के लिए भूनिए.
अब इसमें सामो/ समा चावल डालिए और अच्छे से सभी सामग्री को मिलाइए. चावल को दो मिनट के लिए भूनिए. फिर इसमें नमक और पानी डालिए. एक उबाल आ जाने पर आँच को धीमा कर दीजिए और कड़ाही का ढक्कन लगा दीजिए. चावल और आलू के पूरी तरह से गलने तक पकाएँ. इस प्रक्रिया में तकरीबन 20 मिनट का समय लगता है. बीच-बीच में चावल को चलाना ना भूलें.
अब इसमें डालें नीबू का रस डालें और हरी धनिया से सजाकर परोसें इस स्वादिष्ट पुलाव को. .
आप चाहें तो पुलाव को दही या फिर फल्हारी चटनी के साथ भी परोस सकते हैं.
कुछ नुस्खे / सुझाव
सामो/ समा चावल को बासमती चावल के जैसे देर तक भिगोने की ज़रूरत नही है. मैने यह पुलाव कड़ाही में बनाया था लेकिन आप इसे प्रेशर कुकर में भी बना सकते हैं.
अगर आप तीखा खाने के शौकीन हैं तो हरी मिर्च की मात्रा बढ़ा लीजिए.
रेसिपीः शुचि
अरबी जिसे उत्तर भारत में घुइयाँ के नाम से भी जाना जाता है आलू और शकरकंद के जैसे आमतौर पर सभी परिवारों में व्रत के दिनों में खाई जाती है. अरबी से कई प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं. अरबी के कबाब बहुत आसानी से बनने वाला फलाहारी व्यंजन है. अरबी में क्योंकि स्टार्च होता है तो यह थोड़ा चिपकती है, इसलिए हमने इसमें कूटटू का आटा मिलाया है जिससे इसे बाँधने में आसानी रहती है… तो आप भी बना कर देखिए यह स्वादिष्ट फलाहारी कबाब…. ….
सामग्री
(16 कबाब के लिए )
- अरबी 500 ग्राम
- कुट्टु का आटा ¼ कप
- अदरक बारीक कटी 2 छोटे चम्मच
- हरी मिर्च बारीक कटी 2 छोटे चम्मच
- हरा धनिया बारीक कटा 2 बड़े चम्मच
- नमक 1½ छोटे चम्मच/ स्वादानुसार
- तेल सेकने के लिए
बनाने की विधि
अरबी को धोकर उबाल लें. जब अरबी ठंडी हो जाएँ तो उसे छील लें और फिर अरबी को मसल लें. आप चाहें तो अरबी को कद्दूकस भी कर सकते हैं.
अब एक कटोरे में मसली अरबी, कुट्टू का आटा, घिसी अदरक, कटी हरी मिर्च, कटा हरा धनिया, और नमक लें. सभी सामग्री को अच्छे से मिलाएँ.
अब इस मिश्रण को 16 बराबर हिस्सों में बाट लें और अरबी के मन चाहे आकार के कबाब बनाएँ. मैं आमतौर पर अंडाकार कबाब बनाना पसंद करती हूँ.
एक नॉन-स्टिक तवे को गरम करिए. इसमें थोड़ा सा तेल डालिए और मध्यम से तेज आँच पर कबाब को दोनों तरफ से लाल होने तक सेकिये.
स्वादिष्ट और पौष्टिक अरबी के कबाब को फलाहारी चटनी के साथ परोसिए.
कुछ नुस्खे और सुझाव
कूटटू के आटे को अँग्रेज़ी में buckwheat कहते हैं. भारत में यह आसानी से राशन की दुकान में मिल जाता है. लेकिन अगर आप विदेश में रहते हैं तो मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि कूटटू का आटा या तो इंडियन स्टोर में मिलेगा या फिर ऑर्गॅनिक स्टोर में. वैसे आप कूटटू के आटे के स्थान पर सिंघाड़े के आटे का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.
अगर आपको कबाब बाँधने में परेशानी हो रही है तो आप कूटटू के आटे की मात्रा बढ़ा भी सकते हैं.
मैने अरबी के कबाब को सेक कर बनाया है लेकिन आप अरबी के कबाब को तल भी सकते हैं.
रेसिपीः शुचि
लौकी का हलवा (Lauki ka Halwa) बहुत आसानी से और कम समय में बन जाने वाली मिठाई है. आजकल गर्मी के मौसम में हमारी बगिया में जब यह पहली लौकी आई तो लगा कि शुरुआत कुछ मीठे से की जाए…. लौकी का हलवा (Lauki ka Halwa) वैसे तो बिना दूध और खोए के भी बहुत सवदिष्ट लगता है लेकिन हम यहाँ आपको खोए के साथ और खोए के बिना दोनों तरह से लौकी का हलवा बनाना बता देते हैं. तो आप अपनी सहुलियत और स्वाद के अनुसार बनाएँ यह लौकी का हलवा…. इस मिठाई की एक और ख़ासियत है कि यह फलाहारी है और व्रती लोग भी खा सकते हैं तो आप इसे सावन के सोमवार के अवसर पर भी बना सकते हैं..
सामग्री
(४ लोगों के लिए)
- 3 बड़े चम्मच घी
- 500 ग्राम/ 1 मध्यम लौकी
- 1 बड़ा चम्मच पिस्ता
- 8 बादाम
- 8 काजू
- 1/3 कप शक्कर
- 1/3 कप खोया/ मावा
- हरी इलायची 2
बनाने की विधि
लौकी का मोटा डंठल हटा कर इसका छिलका हटा लें. अब इसे धोकर कद्दूकस कर लें. अगर लौकी में बीज हैं तो उसे हटा दें. 500 ग्राम की 1 लौकी को घिसने पर तकरीबन 4 कप घिसी लौकी मिलती है. हरी इलायची के छिलके उतारकर बीज को दरदरा कूट लें. मेवा (काजू, बादाम,पिस्ता इत्यादि) को महीन-महीन कतर लीजिए. एक भारी तली की कढ़ाई में घी गरम करिए. घिसी हुई लौकी को मध्यम आँच पर भूनें. लौकी को गलने में लगभग 15 मिनट लगते हैं तो आप बीच बीच में चलाते हुए लौकी को गलने तक मध्यम आँच पर पकाएँ.
घिसी हुई लौकी को गरम घी में डालने के बाद गलने के बाद लौकी आधी रह जाएगी.
अब कटे हुए मेवे (बादाम, पिस्ता, और काजू) और शक्कर को लौकी में अच्छे से मिलाएँ और शक्कर के द्वारा छोड़े गये पानी के सूखने तक अच्छे से पकाएँ. इस प्रक्रिया में लगभग 5 मिनट का समय लगता है.
खोए को कद्दूकस कर लें. अब कसे हुए खोए को लौकी के हलवे में मिलाएं. एक मिनट के लिए पकाएं. कुटी हुई इलायची मिलाएं.
स्वादिष्ट लौकी का हलवा तैयार है.
कुछ नुस्खे / टिप्स :
लौकी का हलवा बिना खोये के भी बहुत स्वादिष्ट लगता है – तो अगर आप चाहें तो खोये के बिना भी इस हलवे को बना सकते हैं.
रेसिपीः शुचि
साबूदाने को ज़्यादातर परिवारों में व्रत के दिनों में खाया जाता है. साबूदाना कार्बोहाइड्रेट का बहुत अच्छा स्रोत है – इसे खाने से उर्जा मिलती है. वैसे शायद यही वजह है कि बिना व्रत के भी लोग साबूदाने का प्रयोग करते है….साबूदाने से कई प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं जैसे कि, साबूदाने के पापड़, साबूदाने की कचड़ी, साबूदाना वड़ा, साबूदाने की खीर इत्यादि. आज हम आपको साबूदाने का फलाहारी पुलाव बनाना बता रहे हैं….
सामग्री
(4 लोगों के लिए)
- साबूदाना ¾ कप
- आलू 2 छोटे/1 मध्यम
- मूँगफली ¼ कप
- हरी मिर्च 2-4
- सेंधा नमक 1 छोटा चम्मच/ स्वादानुसार
- घी/ तेल 1½ बड़ा चम्मच
- नीबू का रस 1 बड़ा चम्मच
- कटा हरा धनिया 1 बड़ा चम्मच
- पानी 1¼ कप
बनाने की विधि
साबूदाने को बीनकर धो लें अब इसे लगभग सवा कप पानी में 2-3 घंटे के लिए भिगो दें. 2-3 घंटे के बाद साबूदाना पानी सोख कर मुलायम हो जाता है. अगर साबूदाना कड़ा लगता है तो थोड़ा और पानी डालकर कुछ और देर के लिए इसे भिगो दें.
हरी मिर्च का डंठल हटा कर और उसे अच्छे से धो कर महीन-महीन काट लें. आलू को छीलकर, धो लें, और फिर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. अब एक नॉन-स्टिक कड़ाही में घी/ तेल गरम करिए. अब मूँगफली डालिए और भूनिए. मूँगफली को पूरी तरह से भूनने में 4-6 मिनट का समय लगता है. मूँगफली भुन जाने पर सौंधी सी खुश्बू आती है.
अब इसमें कटी हरी मिर्च डालें और कुछ सेकेंड्स के लिए भूनें. अब डालिए कटे आलू. आलू को भी एक मिनट के लिए भूनिए. अब इसमें नमक डालें और सभी सामग्री को अच्छे से मिलाएँ. आँच को धीमा करके ढक्कन लगाकर आलू को गलाएँ. इसमें तकरीबन 5 मिनट का समय लगता है.
अब इसमें भीगा साबूदाना डालें और अच्छे से मिलाएँ. साबूदाने को 2 मिनट तक अच्छे से भूनें.
अब ढक्कन लगा कर साबूदाने को गलने दीजिए. इस प्रक्रिया में 2-4 मिनट का समय लगता है.
साबूदाना गलने के बाद पारदर्शी सा दिखता है. अगर साबूदाना नही गला है तो कुछ और देर ढककर पकाएँ. फिर आँच को बंद कर दीजिए.
कुछ नुस्खे/सुझाव
अगर आप चाहें तो बिना व्रत के भी साबूदाने का पुलाव बना सकते है. ऐसी सूरत में आप इसमें और भी सब्जियाँ जैसे कि. हरी मटर, गाजर, फली इत्यादि भी डाल सकते हैं…
अगर आप तीखा खाने के शौकीन हैं तो हरी मिर्च की मात्रा बढ़ा लीजिए.
100 ग्राम करौंदा
1/4 कप शक्कर
1 चम्मच सौंफ
1 चम्मच जीरा
1/2 चम्मच लालमिर्च पाउडर
1 अदरक पेस्ट
1 बड़ा चम्मच तेल तलने के लिए
स्वादानुसार नमक
विधि
करौंदे को पीसकर उसमें स्वादानुसार नमक मिला लें।
कढ़ाई में तेल डालकर जीरा, सौंफ आदि मसालों को तल लें। तल जाने पर आधा कप पानी डाल कर उबालें। पानी उबलना शुरू हो जाने पर उसमें शक्कर को डाल कर अच्छी तरह से चलाएँ। चाशनी के थोड़ा गाढ़ा हो जाने पर उसमें करौंदे को डाल दें और अच्छी तरह से मिला लें।
करौंदे की खट्टी-मीठी चटनी तैयार है!
- 400 ग्राम साफ धुला हुआ उड़द दाल
- 400 ग्राम शक्कर
- 150-200 देशी घी
- 1 कप काजू, किशमिश, पिश्ता, बादाम आदि सूखे मेवे
- 7-8 छोटी हरी इलायची छिलटा निकालकर पिसी हुई
विधिः
- उड़द दाल को रात भर पानी में भीगने दें।
- भीगे दाल को निथार कर पानी अलग कर लें और पानी को पूरी तरह से सुखा लें।
- कढ़ाई में घी गरम करके उड़द दाल को करछुल से चलाते हुए अच्छी तरह से तलें।
- तले हुए दाल में सूखे मेवे और इलायची डाल कर अच्छी प्रकार से मिला ले।
- शक्कर की दो तार की चाशनी बनाकर आँच से उतारने के बाद उसमें उपरोक्त मिश्रण को डाल कर करछुल से चलाते हुए अच्छी तरह से एकसार कर लें।
- हथेलियों में घी मल कर लड्डू बाधें।
नाश्ते या खाने के साथ यदि चटनी भी मिल जाए तो स्वाद और भी बढ़ जाता है। प्रस्तुत है सदाबहार स्वादिष्ट चटनी (Alltime Testy Chatani) बनाने का आसान तरीका!
सामग्रीः
- 100 ग्राम हरा धनियाँ
- 3-4 हरी मिर्च
- 1 टमाटर मध्यम आकार का
- 2-3 गिरी लहसुन
- नमक स्वादानुसार
विधिः
हरा धनिया और हरी मिर्च को धोकर साफ कर लेने के पश्चात् समस्त सामग्रियों को एक साथ मिला कर पीस दें। हो गई तैयार आपकी स्वादिष्ट चटनी! आप इस चटनी को किसी भी प्रकार के नाश्ते तथा खाने के साथ परस सकते हैं।
इस चटनी को और भी स्वादिष्ट बनाने के लिए एक बड़ा चम्मच सरसों का तेल गरम करके उसमें जीरा तड़का दें और चटनी में अच्छी प्रकार से मिला दें। स्वादिष्ट चटनी और भी अधिक स्वादिष्ट हो जाएगी।
उपरोक्त चटनी 2-3 दिन तक खराब नहीं होती।
वैसे तो चटनी को मिक्सी में पीसा जा सकता है किन्तु मिक्सी में पिसी चटनी उतनी स्वादिष्ट नहीं बन पाती और साथ ही चटनी में झाग बन जाने के कारण उसकी सुन्दरता भी नष्ट हो जाती है, इसलिए जहाँ तक सम्भव हो चटनी पीसने के लिए सिल-बट्टे का ही प्रयोग करें।
सामग्रीः
- 10-12 छोटे आकार के करेले
- 1 बड़े आकार का आलू उबला तथा मैश किया हुआ
- 1 मध्यम आकार का प्याज बारीक कटा हुआ
- 4 चम्मच तेल तलने के लिए
- चुटकी भर हींग
- 1/2 चम्मच जीरा
- 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर
- 2 चम्मच धनियाँ पाउडर
- 1/2 चम्मच पिसी लाल मिर्च
- 1 चम्मच अमचूर पाउडर
- नमक स्वादानुसार
विधिः
- करेलों को साफ धो कर चाकू से खुरच-खुरच कर छील लें।
- करेले के छीलन में लगभग आधा चम्मच नमक डाल कर 15 मिनिट के लिये रख दें।
- करेलों में एक तरफ चीरा लगाकर उसके भीतर से बीज और गूदा निकाल कर एक प्लेट में रख दें।
- करेलों के बाहर तथा भीतर नमक लगाकर लगभग आधे घण्टे के लिए छोड़ दें।
- अब करेलों को हथेली मे दबा-दबा कर उसका कड़वापन निकाल दें और फिर से अच्छी तरह से धो लें।
- करेले के छीलन को भी कड़वापन निकाल कर धो लें और निचोड़कर उसमें से पानी पूरी तरह से निकाल दें।
- कढ़ाई में 1 बड़ा चम्मच तेल डाल कर गरम करें। तेल गरम हो जाने पर उसमें हींग और जीरा डाल दें।
- जीरा भुन जाने पर उसमें प्याज को डाल दें और तब तक तलें जब तक कि वह सोखे गए तेल को वापस छोड़ दे।
- अब इसमें हल्दी पाउडर और धनियाँ पाउडर को डाल दें तथा 2-3 बार करछुल से चलाकर भूनें। इस प्रकार से मसाला तैयार हो जाएगा।
- मसाले में करेले से निकला हुआ बीज, गूदा, मैश किया गया आलू, करेले का छीलन, अमचूर पाउडर, पिसी लाल मिर्च और नमक डाल दें तथा करछुल से चलाते हुए 6-7 मिनिट तक भूनें। अब करेले में भरने के लिए आपका भरावन तैयार है।
- एक-एक करेले में भरावन को दबा-दबा कर भर दें।
- कढ़ाई में 3 बड़े चम्मच तेल डाल कर गरम करें। तेल गरम हो जाने पर भरे हुये करेलों को उसमें डाल दें तथा ढक्कन से ढककर 6-7 मिनिट तक मध्यम आँच में पकाएँ।
- अब ढक्कन खोल कर करेलों को पलटें और दुबारा ढक कर फिर से 5-6 मिनिट तक पकाएँ।
- बीच-बीच में ढक्कन खोल कर देखें और करेलों को पलटते रहें ताकि वे सभी ओर से अच्छी तरह से सिंक जाएँ।
- स्वादिष्ट भरवाँ करेले तैयार हैं।



