Archives for General Knowledge

General Knowledge in Hindi 8

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पेश है हिन्दी में सामान्य ज्ञान (General Knowledge in Hindi) से सम्बन्धित जानकारी।

यहाँ पर हम अन्तरिम सरकार (Interim Government) से सम्बन्धित जानकारी दे रहे हैं। यह जानकारी (History General Knowledge in Hindi) के लिए महत्वपूर्ण है।

हिन्दी में सामान्य ज्ञान (Samanya Gyan in Hindi)

क्या भारत की पहली सरकार भारत को स्वतन्त्रता मिलने के बाद बनी? यदि आपका जवाब हाँ में है तो आप गलत हैं। भारत की पहली सरकार भारत की स्वतन्त्रता के लगभग 1 साल पहले ही बन गई थी जिसे कि अंतरिम सरकार के नाम से जाना जाता है।

दि्वतीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन इतना टूट चुका था कि उसे अपने अनेक उपनिवेशों को आजाद करना पड़ा। ब्रिटेन ने भारत को स्वतन्त्र कर देने का मन बना लिया और इसके लिए ब्रिटिश सरकार ने भारत में अंतरिम चुनाव करावाया। उस चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने जीती और मुस्लिम लीग पराजय हुई। परिणामस्वरूप कांग्रेस ने अंतरिम सरकार (Interim Government) बनाई। यही भारत की पहली सरकार थी जो कि स्वतन्त्रता प्राप्ति के पहले बनी थी।

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भारत में अंग्रेजों का कब्जा होने के बाद यह पहला मौका था जब भारत की सरकार भारतीयों के हाथ में आई थी। बाद में मुस्लिम लीग भी इस सरकार में शामिल हो गई थी। मुस्लिम लीग द्वारा नामित 5 सदस्यों को इस सरकार में शामिल के लिए कांग्रेस द्वारा नियुक्त सदस्यों में हेर-फेर किया गया दो सीटें पहले से ही खाली थीं। शेष तीन सदस्यों को स्थान देने के लिए शरत बोस, सैय्यद अली जहीर और सर शफात अहमद खान ने त्यागपत्र दे दिया| सरकार के सभी चौदह सदस्यों के विभाग निम्नलिखित थे-

अन्तरिम सरकार में जवाहरलाल नेहरू को राष्ट्रपति बनाया गया, जो कि सर्वोच्च पद था। राष्ट्रपति के पास प्रधानमंत्री की शक्तियाँ थी। सर्वोच्च पद सरदार बल्लभ भाई पटेल को दिया गया। एक एक्यूजिटिव कौंसिल गठन भी किया गया जिसमें तत्कालीन वायसराय को प्रमुख स्थान दिया गया। वास्तव में सरकार की समस्त शक्तियाँ वायसराय के ही हाथों में ही थी। वायसराय की अनुपस्थिति में ये शक्तियाँ कमांडर-इन-चीफ के पास थी।

अन्तरिम सरकार में कुल 14 सदस्य थे जो कि निम्नानुसार है –

जवाहर लाल नेहरु कार्यकारी परिषद् के उपाध्यक्ष,विदेश विभाग, राष्ट्रमंडल से सम्बंधित मामले
वल्लभभाई पटेल गृह, सुचना एवं प्रसारण
बलदेव सिंह रक्षा
डॉ.जॉन उद्योग एवं आपूर्ति
सी. राजगोपालाचारी शिक्षा
सी.एच. भाभा कार्य, खनन एवं शक्ति
राजेंद्र प्रसाद खाद्य एवं कृषि
आसफ अली रेलवे
जगजीवन राम श्रम
लियाकत अली वित्त
टी.टी. चुंदरीगर वाणिज्य
अब्दुल रब नश्तर संचार
गजान्फर अली खान स्वास्थ्य
जोगेंद्र नाथ मंडल विधि
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पेश है हिन्दी में सामान्य ज्ञान (General Knowledge in Hindi) से सम्बन्धित जानकारी।

यहाँ पर हम बुनियादी सामान्य ज्ञान (Basic General Knowledge in Hindi) से सम्बन्धित जानकारी दे रहे हैं।

Basic General Knowledge in Hindi

  • रेडियो का आविष्कार जी. मार्कोनी ने किया था। वे इटली के वैज्ञानिक थे। सन् 1909 में उन्हें नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • अरविन्द घोष ने अपने युवावस्था में स्वतन्त्रता संग्राम में क्रान्तिकारी के रूप में भाग लिया था। वे अंग्रेजी भाषा में ‘वन्दे मातरम्’ समाचारपत्र का प्रकाशन करते थे। बाद में वे योगी बन गये। उन्होंने पुद्दुचेरी में अरविन्द आश्रम की स्थापना की।
  • खान अब्दुल गफ्फार खान को ‘सीमांत गांधी’ या ‘सरहदी गांधी’ के नाम से जाना जाता है। सन् 1987 में उन्हें भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। नेल्सन मंडेला के बाद वे दूसरे विदेशी हैं जिन्हें भारत रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • पृथ्वी पर जल का भाग लगभग 71% हैं। पृथ्वी के सम्पूर्ण जल का मात्र 2.5% ही स्वच्छ तथा मीठा जल है।
  • सन् 1947 में स्वतन्त्रता प्राप्ति के समय ब्रिटिश सरकार ने सत्ता का हस्तान्तरण कर कांग्रेस पार्टी को सत्ता सौंप दी। कांग्रेस पार्टी में भावी प्रधानमंत्री के लिए मतदान हुआ जिसमें सरदार वल्लभ भाई पटेल को सर्वाधिक मत मिले, दूसरे नंबर पर आचार्य कृपलानी को मत मिला। किन्तु गांधी जी के आदेशानुसार सरदार पटेल एवं आचार्य कृपलानी ने अपने नाम वापस ले लिये और जवाहर लाल नेहरू को भारत का प्रधानमंत्री बनाया गया।
  • भारत की पहली फिल्म, जो कि मूक फिल्म थी, का निर्माण सन् 1912 में दादा साहेब फाल्के द्वारा किया गया। सन् 1931 में प्रदर्शित फिल्म आलमआरा देश की पहली सवाक् फिल्म थी।
  • इलेक्ट्रोलिसिस के नियम की खोज माइकल फैराडे ने सन् 1941 में किया था। फैराडे को विद्युत का जनक माना जाता है।
  • पारे के थर्मामीटर का आविष्कार सन् 1714 में डेनियल गैबरिल फारेहाइट ने किया था।
  • भारत में नहरों के द्वारा सबसे अधिक सिंचाई पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में होता है। चौथा क्रमांक मध्य प्रदेश का है।
  • भारत में सबसे अधिक संगमरमर राजस्थान के मकराना क्षेत्र में पाया जाता है। मकराना का संगमरमर उत्कृष्ट गुणवत्ता वाला होता है।
  • विटामिन B और C जल में घुलनशील हैं, जबकि विटामिन A, D, E, K आदि वसा में घुलशील हैं।
  • हीराकुण्ड बाँध भारत का सबसे लंबा बाँध है जो कि ओडिशा राज्य में महानदी पर निर्मित है।
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पेश है हिन्दी में सामान्य ज्ञान (General Knowledge in Hindi) से सम्बन्धित जानकारी।

यहाँ पर हम बुद्ध धर्म (Buddhism) से सम्बन्धित जानकारी दे रहे हैं।

Buddhism Related General Knowledge in Hindi

  • बौद्ध धर्म (Buddhism) महत्वपूर्ण एशियाई आध्यात्मिक परंपराओं में से एक है।
  • बौद्ध धर्म (Buddhism) को आध्यात्मिक विकास का पथ माना गया है।
  • बौद्ध धर्म की उत्पत्ति ईसा पूर्व 5वीं शताब्दी के दौरान लुम्बिनी (आज के नेपाल में) में जन्मे सिद्धार्थ गौतम द्वारा हुई थी।
  • सिद्धार्थ गौतम का जन्म शाक्य गणराज्य में क्षत्रिय योद्धा राजकुमार के रूप में हुआ था।
  • सिद्धार्थ गौतम ने बोधगया में एक पीपल के पेड़, जिसे कि बोधिवृक्ष कहा जाता है, के नीचे बैठे आत्मज्ञान प्राप्त किया था।
  • ज्ञान प्राप्ति के पश्चात सिद्धार्थ गौतम बुद्ध के नाम से विख्यात हुए।
  • बुद्ध के शिष्यों को भिक्षुक के नाम से जाना जाता था।
  • बुद्ध ने पाँच भिक्षुकों को अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया था।
  • बुद्ध के प्रथम उपदेश को “धर्म चक्र प्रवर्तन” कहा जाता है।
  • पाँचों भिक्षुखों ने बुद्ध के साथ मिलकर पहले संघ का निर्माण किया।
  • बुद्ध की विधवा विमाता महाप्रजापति गौतमी पहली भिक्षुणी बनीं।
  • कहा जाता है कि बुद्ध ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए अपने अनेक वर्षों तक गंगा के मैदान, पूर्वोत्तर भारत और अन्य क्षेत्रों में यात्रा किया।
  • मगध के शासक सम्राट बिम्बिसार ने बुद्ध से प्रभावित होकर बौद्ध धर्म अंगीकार किया और बुद्ध को संरक्षण भी प्रदान किया।
  • सम्राट बिम्बिसार ने अनेक बौद्ध विहारों का निर्माण भी करवाया।
  • बुद्ध के जीवनकाल में ही बौद्ध धर्म का प्रचार बहुत अधिक हो गया था।
  • बुद्ध का परिनिर्वाण अर्थात् शरीरत्याग कुशीनगर के समीप एक वन में शाल वृक्ष के नीचे हुआ।
  • बुद्ध के मरणोपरान्त अगली पाँच शताब्दियों में बौद्ध धर्म का विस्तार सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप में हो गया।
  • बाद के दो हज़ार वर्षों में बौद्ध धर्म मध्य, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जम्बू महाद्वीप में भी फैल गया।
  • बौद्ध धर्म को मानने वालों की संख्या पैंतीस करोड़ से भी अधिक है तथा यह विश्व का चौथा सबसे बड़ा धर्म है।
  • वर्तमान में बौद्ध धर्म ले तीन मुख्य सम्प्रदाय हैं: वज्रयान, महायान और हीनयान।
  • बुद्ध के अन्य नाम हैं – विनायक, सुगत, धर्मराज, तथागत, समन्तभद्र, मारजित्, भगवत्, मुनि, लोकजित्, जिन, षडभिज्ञ, दशबल, अद्वयवादिन्, सर्वज्ञ, श्रीघन, शास्तृ और मुनी।
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पेश है हिन्दी में सामान्य ज्ञान (General Knowledge in Hindi) से सम्बन्धित जानकारी।

यहाँ पर हम प्राचीन भारत (Ancient India) से सम्बन्धित जानकारी दे रहे हैं। ये जानकारी इतिहास सामान्य ज्ञान (History General Knowledge in Hindi) के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Ancient India Related General Knowledge in Hindi

  • सन् 326 में मेसिडोनिया के शासक सिकन्दर ने भारत पर आक्रमण किया था।
  • सिकन्दर खैबर दर्रा पार कर के भारत आया था।
  • तक्षशिला के शासक आम्भि ने सिकन्दर की अधीनता स्वीकार की थी।
  • राजा पोरस ने सिकन्दर प्रतिरोध किया था।
  • राजा पोरस सिकन्दर का का पहला और सबसे शक्तिशाली विरोधी था।
  • सिकन्दर और पुरु के मध्य हुआ युद्ध हाइडेस्पीज का युद्ध कहलाता है।
  • यद्यपि युद्ध में राजा पोरस की पराजय हुई किन्तु उनकी वीरता से प्रसन्न होकर सिकन्दर ने जीता हुआ राज्य उन्हे वापस कर दिया था।
  • मगध राज्य के उत्थान वंश, हर्यक वंश, शिशुनाग वंश, नंद वंश, मौर्य वंश का योगदान रहा था।
  • चन्द्रगुप्त मौर्य ने विष्णुगुप्त की सहायता से धनानन्द को पराजित किया था।
  • चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य तथा विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, चन्द्रगुप्त के गुरु थे।
  • मौर्य वंश की स्थापना चन्द्रगु्प्त मौर्य ने की थी।
  • मौर्य वंश की स्थापना ई.पू. 322 में हुई थी।
  • चाणक्य चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री थे।
  • चाणक्य ने चन्द्रगुप्त मौर्य के शासन का विस्तार करने में सर्वाधिक सहायता प्रदान की थी।
  • कौटिल्य रचित अर्थशास्त्र की तुलना मैकियावेली के ‘प्रिंस’ से की जाती है।
  • मैगस्थनीज चन्द्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में भारत आया था।
  • मैगस्थनीज ने इण्डिका नाम की पुस्तक लिखी।
  • चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने अंतिम दिनों में जैनधर्म को अपना लिया था।
  • चन्द्रगुप्त मौर्य के बाद उसका पुत्र बिन्दुसार मगध का उत्तराधिकारी बना।
  • बिन्दुसार के दरबार में डाइमेकस सीरिया का राजदूत बनकर आया था।
  • बिन्दुसार के शासन काल में तक्षशिला में विद्रोह हुआ था।
  • बिंदुसार ने विद्रोहियों को कुचलने के लिए अशोक को तक्षशिला भेजा था।
  • बिन्दुसार ब्राह्मण धर्म का धर्म का अनुयायी था।
  • बिन्दुसार की मृत्यु के पश्चात अशोक मगध की गददी पर बैठा।
  • अशोक का राज्याभिषेक पाटलिपुत्र में हुआ था।
  • अशोक के बौद्ध गुरू का नाम उपगुप्त था।
  • अशोक ने सिंहासन पर बैठने के लिए अपने बड़े भाई का वध किया था।
  • अशोक की पत्नी कारुवाकी ने उसे अत्यन्त प्रभावित किया था।
  • अशोक ‘देवान प्रियदर्शी’ के नाम से भी जाना जाता था।
  • कलिंग का युद्ध ई.पू 261 में हुआ था।
  • कलिंग के युद्ध ने अशोक के जीवन में एक महान परिवर्तन का सूत्रपात किया।
  • अशोक ने कलिंग के युद्ध के बाद बौद्ध धर्म को अपनाया।
  • अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार हेतु अपने पुत्र महेन्द्र, बेटी चारू मित्रा व संघमित्रा को श्रीलंका तथा नेपाल भेजा था।
  • अशोक के सारनाथ के स्तम्भ पर चार सिंहों का शीर्ष बना हुआ है।
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Rulers of dependent India – General Knowledge in Hindi

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हिन्दी में सामान्य ज्ञान (General Knowledge in Hindi) के तहत पेश है परतंत्र भारत में शासकों (Dependent India Rulers) की सूची।

गुलाम वंश

ईसवी सन् शासक
1193 मुहम्मद गौरी
1206 कुतुबुद्दीन ऐबक
1210 आराम शाह
1211 इल्तुतमिश
1236 रुकनुद्दीन फिरोज शाह
1236 रज़िया सुल्तान
1240 मुईज़ुद्दीन बहराम शाह
1242 अल्लाउदीन मसूद शाह
1246 नासिरुद्दीन महमूद
1266 गियासुदीन बल्बन
1286 कै खुशरो
1287 मुइज़ुदिन कैकुबाद
1290 शमुद्दीन कैमुर्स
1290 गुलाम वंश समाप्त्

खिलजी वंश

ईसवी सन् शासक
1290 जलालुदद्दीन फ़िरोज़ खिलजी
1296 अल्लाउदीन खिलजी
1316 सहाबुद्दीन उमर शाह
1316 कुतुबुद्दीन मुबारक शाह
1320 नासिरुदीन खुसरो शाह
1320 खिलजी वंश समाप्त

तुगलक वंश

ईसवी सन् शासक
1320 गयासुद्दीन तुगलक प्रथम
1325 मुहम्मद बिन तुगलक दूसरा
1351 फ़िरोज़ शाह तुगलक
1388 गयासुद्दीन तुगलक दूसरा
1389 अबू बकर शाह
1389 मुहम्मद तुगलक तीसरा
1394 सिकंदर शाह पहला
1394 नासिरुदीन शाह दुसरा
1395 नसरत शाह
1399 नासिरुदीन महमूद शाह दूसरा दुबारा सता पर
1413 दौलतशाह
1414 तुगलक वंश समाप्त

सैय्यद वंश

ईसवी सन् शासक
1414 खिज्र खान
1421 मुइज़ुदिन मुबारक शाह दूसरा
1434 मुहमद शाह चौथा
1445 अल्लाउदीन आलम शाह
1451 सैय्यद वंश समाप्त

लोदी वंश

ईसवी सन् शासक
1451 बहलोल लोदी
1489 सिकंदर लोदी दूसरा
1517 इब्राहिम लोदी
1526 लोदी वंश समाप्त

मुगल वंश

ईसवी सन् शासक
1526 ज़ाहिरुदीन बाबर
1530 हुमायूं
1539 मुगल वंश मध्यांतर

सूरी वंश

ईसवी सन् शासक
1539 शेर शाह सूरी
1545 इस्लाम शाह सूरी
1552 महमूद शाह सूरी
1553 इब्राहिम सूरी
1554 फिरहुज़् शाह सूरी
1554 मुबारक खान सूरी
1555 सिकंदर सूरी
1555 सूरी वंश समाप्त

मुगल वंश पुनःप्रारंभ

ईसवी सन् शासक
1555 हुमायू दुबारा गाद्दी पर
1556 जलालुदीन अकबर
1605 जहांगीर सलीम
1628 शाहजहाँ
1659 औरंगज़ेब
1707 शाह आलम पहला
1712 जहादर शाह
1713 फारूखशियर
1719 रईफुदु राजत
1719 रईफुद दौला
1719 नेकुशीयार
1719 महमूद शाह
1748 अहमद शाह
1754 आलमगीर
1759 शाह आलम
1806 अकबर शाह
1837 बहादुर शाह जफर
1857 मुगल वंश समाप्त

ब्रिटिश राज (वाइसरॉय)

ईसवी सन् शासक
1858 लॉर्ड केनिंग
1862 लॉर्ड जेम्स ब्रूस एल्गिन
1864 लॉर्ड जहॉन लोरेन्श
1869 लॉर्ड रिचार्ड मेयो
1872 लॉर्ड नोर्थबुक
1876 लॉर्ड एडवर्ड लुटेनलॉर्ड
1880 लॉर्ड ज्योर्ज रिपन
1884 लॉर्ड डफरिन
1888 लॉर्ड हन्नी लैंसडोन
1894 लॉर्ड विक्टर ब्रूस एल्गिन
1899 लॉर्ड ज्योर्ज कर्झन
1905 लॉर्ड गिल्बर्ट मिन्टो
1910 लॉर्ड चार्ल्स हार्डिंज
1916 लॉर्ड फ्रेडरिक सेल्मसफोर्ड
1921 लॉर्ड रुक्स आईजेक रिडींग
1926 लॉर्ड एडवर्ड इरविन
1931 लॉर्ड फ्रिमेन वेलिंग्दन
1936 लॉर्ड एलेक्जंद लिन्लिथगो
1943 लॉर्ड आर्किबाल्ड वेवेल
1947 लॉर्ड माउन्टबेटन
1947 ब्रिटिश राज समाप्त

आजाद भारत,प्राइम मिनिस्टर

ईसवी सन् प्रधान मंत्री
1947 जवाहरलाल नेहरू
1964 गुलजारीलाल नंदा (कार्यकारी)
1964 लालबहादुर शास्त्री
1966 गुलजारीलाल नंदा (कार्यकारी)
1966 इन्दिरा गांधी
1977 मोरारजी देसाई
1979 चरणसिंह
1980 इन्दिरा गांधी
1984 राजीव गांधी
1989 विश्वनाथ प्रतापसिंह
1990 चंद्रशेखर
1991 पी.वी.नरसिंह राव
1996 अटल बिहारी वाजपेयी
1996 एच.डी. देवेगौड़ा
1997 आई.के. गुजराल
1998 अटल बिहारी वाजपेयी
2004 डॉ.मनमोहनसिंह
2014 नरेन्द्र मोदी
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General Knowledge in Hindi 4

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पेश है हिन्दी में सामान्य ज्ञान (General Knowledge in Hindi) से सम्बन्धित जानकारी।

यहाँ पर हम भारत पर्वतों (Mountains) से सम्बन्धित जानकारी दे रहे हैं।

Mountains Related General Knowledge in Hindi

  • अरावली पर्वत श्रृंखला, जो कि भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रेणी है, राजस्थान में स्थित है।
  • हिमालय पर्वत श्रेणी का वास्तविक विस्तार पश्चिम में सिन्धु नदी के गार्ज से लेकर पूर्व में ब्रह्मपुत्र नदी के गार्ज तक है।
  • हिमालय पर्वत श्रृंखला के पश्चिम वाले भाग में नंगा पर्वत और पूर्व वाले भाग में नामचाबरवा घाटी है।
  • हिमालय पर्वत प्रमुख रूप से परतदार चट्टानों से निर्मित है तथा यह मोड़दार पर्वत है।
  • हिमालय पर्वत विश्व का नवीनतम मोड़दार पर्वत है।
  • हिमालय श्रृंखला की तीन प्रमुख शाखाएँ हैँ – पहला महान हिमालय, दूसरा लघु हिमालय और तीसरा शिवालिक हिमालय।
  • महान हिमालय सदैव हिम अर्थात् बर्फ से से ढका रहता है। इसे वृहत् हिमालय तथा आन्तरिक हिमालय के नाम से भी जाना जाता है।
  • महान हिमालय का सर्वोच्च शिखर माउण्ट एवरेस्ट है, जो कि नेपाल में स्थित है।
  • हिमालय का दूसरा सर्वोच्च शिखर तथा भारत का पहला सर्वोच्च शिखर
  • गाडविन आस्टिन (K2) है। गाडविन आस्टिन (K2) विश्व का भी दूसरा सर्वोच्च शिखर है।
  • हिमालय में अनेक ग्लेशियर हैं जिनमें कुछ हैं – बियाफो हिमनद (Biafo Glacier), चोंगो लुंग्मा हिमनद (Chango LUngma Glacier), गेशरबरूम हिमनद (Gasherbrum Glacier), गंगोत्री या गोमुख ग्लेशियर (Gangotri or Gomukh Glacier), हिस्पार हिमनद (Hispar Glacier), कंचनजंघा हिमनद (Kanchenjunga Glacier), कांग्टो हिमनद (Kangto Glacier), माना हिमनद (Mana Glacier), मिलाम हिमनद (Milam Glacier), पिण्डारी हिमनद (Pindari Glacier), सियाचिन हिमनद (Siachin Glacier), सोनापानी हिमनद (Sonapani Glacier), जेमू हिमनद (Zemu Glacier) आदि।
  • लघु हिमालय को हिमाचल तथा मध्य हिमालय के नाम से भी जाना जाता है।
  • पीरपंजाल और धौलाधार लघु हिमालय के प्रमुख शिखर हैं।
  • शिवालिक हिमालय को बाह्य हिमालय ता उप हिमालय के नाम से भी जाना जाता है।
  • शिवालिक हिमालय का निर्माण वृहत् तथा लघु हिमालय से लाये गए अवसादों से हुआ है।
  • भारत का प्रायद्वीपीय पठार आर्कियन चट्टानों से बना है।
  • सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला एक ब्लॉक पर्वत है। इसके उत्तर में नर्मदा और दक्षिण में ताप्ती की दरार घाटियाँ स्थित हैं।
  • पश्चिमी घाट पर्वत श्रेणी को सहयाद्रि की पहाड़ियों के नाम से भी जाना जाता है।
  • छोटा नागपुर का पठार प्रायद्वीपीय पठार के उत्तर-पूर्व में रिहन्द नदी के पूर्व में स्थित है।
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A short note on Hindi Short Stories in hindi – General Knowledge in Hindi

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“कहानी” (Hindi Short Stories) पर एक शॉर्टनोट (Shortnote in Hindi)

अंग्रेजी में जिसे ‘शार्ट स्टोरी’ कहते हैं उसी का प्रचलन हिंदी में कहानी के नाम से हुआ। बंगला में इसे गल्प कहा जाता है। कहानी ने अंग्रेजी से हिंदी तक की यात्रा बंगला के माध्यम से की। कहानी गद्य कथा साहित्य का एक अन्यतम भेद तथा उपन्यास से भी अधिक लोकप्रिय साहित्य का रूप है।

मनुष्य के जन्म के साथ ही साथ कहानी का भी जन्म हुआ और कहानी कहना तथा सुनना मानव का आदिम स्वभाव बन गया। इसी कारण से प्रत्येक सभ्य तथा असभ्य समाज में कहानियाँ पाई जाती हैं। हमारे देश में कहानियों की बड़ी लंबी और सम्पन्न परंपरा रही है। वेदों, उपनिषदों तथा ब्राह्मणों में वर्णित ‘यम-यमी’, ‘पुरुरवा-उर्वशी’, ‘सौपणीं-काद्रव’, ‘सनत्कुमार-नारद’, ‘गंगावतरण’, ‘श्रृंग’, ‘नहुष’, ‘ययाति’, ‘शकुन्तला’, ‘नल-दमयन्ती’ जैसे आख्यान कहानी के ही प्राचीन रूप हैं।

प्राचीनकाल में सदियों तक प्रचलित वीरों तथा राजाओं के शौर्य, प्रेम, न्याय, ज्ञान, वैराग्य, साहस, समुद्री यात्रा, अगम्य पर्वतीय प्रदेशों में प्राणियों का अस्तित्व आदि की कथाएँ, जिनकी कथानक घटना प्रधान हुआ करती थीं, भी कहानी के ही रूप हैं। ‘गुणढ्य’ की “वृहत्कथा” को, जिसमें ‘उदयन’, ‘वासवदत्ता’, समुद्री व्यापारियों, राजकुमार तथा राजकुमारियों के पराक्रम की घटना प्रधान कथाओं का बाहुल्य है, प्राचीनतम रचना कहा जा सकता है। वृहत्कथा का प्रभाव ‘दण्डी’ के “दशकुमार चरित”, ‘वाणभट्ट’ की “कादम्बरी”, ‘सुबन्धु’ की “वासवदत्ता”, ‘धनपाल’ की “तिलकमंजरी”, ‘सोमदेव’ के “यशस्तिलक” तथा “मालतीमाधव”, “अभिज्ञान शाकुन्तलम्”, “मालविकाग्निमित्र”, “विक्रमोर्वशीय”, “रत्नावली”, “मृच्छकटिकम्” जैसे अन्य काव्यग्रंथों पर साफ-साफ परिलक्षित होता है।

इसके पश्चात् छोटे आकार वाली “पंचतंत्र”, “हितोपदेश”, “बेताल पच्चीसी”, “सिंहासन बत्तीसी”, “शुक सप्तति”, “कथा सरित्सागर”, “भोजप्रबन्ध” जैसी साहित्यिक एवं कलात्मक कहानियों का युग आया। इन कहानियों से श्रोताओं को मनोरंजन के साथ ही साथ नीति का उपदेश भी प्राप्त होता है। प्रायः कहानियों में असत्य पर सत्य की, अन्याय पर न्याय की और धर्म पर अधर्म की विजय दिखाई गई हैं।

किन्तु वर्तमान कहानियों पर सर्वाधिक प्रभाव अमेरिका के कवि-आलोचक-कथाकार ‘एडगर एलिन पो’ का है जिनके अनुसार एक सफल कहानी में एक केन्द्रीय कथ्य होता है जिसे प्रभावशाली और सघन बनाने के लिये कहानी के सभी तत्वों – कथानक, पात्र, चरित्र-चित्रण, संवाद, देशकाल, उद्देश्य – का उपयोग किया जाता है। श्री पो के अनुसार कहानी की परिभाषा इस प्रकार हैः

“कहानी वह छोटी आख्यानात्मक रचना है, जिसे एक बैठक में पढ़ा जा सके, जो पाठक पर एक समन्वित प्रभाव उत्पन्न करने के लिये लिखी गई हो, जिसमें उस प्रभाव को उत्पन्न करने में सहायक तत्वों के अतिरिक्त और कुछ न हो और जो अपने आप में पूर्ण हो।”

हिंदी कहानी को सर्वश्रेष्ठ रूप देने वाले ‘प्रेमचन्द’ ने भी श्री पो के विचारों को स्वीकारते हुये कहानी की परिभाषा इस प्रकार से की हैः

“कहानी वह ध्रुपद की तान है, जिसमें गायक महफिल शुरू होते ही अपनी संपूर्ण प्रतिभा दिखा देता है, एक क्षण में चित्त को इतने माधुर्य से परिपूर्ण कर देता है, जितना रात भर गाना सुनने से भी नहीं हो सकता।”

कहानी के तत्व

रोचकता, प्रभाव तथा वक्ता एवं श्रोता या कहानीकार एवं पाठक के बीच यथोचित सम्बद्धता बनाये रखने के लिये सभी प्रकार की कहानियों में कमोबेस निम्नलिखित तत्व महत्वपूर्ण हैं:

कथावस्तु: किसी कहानी के ढाँचे को कथानक अथवा कथावस्तु कहा जाता है। प्रत्येक कहानी के लिये कथावस्तु का होना अनिवार्य है क्योंकि इसके अभाव में कहानी की रचना की कल्पना भी नहीं की जा सकती। कथानक के चार अंग माने जाते हैं – आरम्भ, आरोह, चरम स्थिति एवं अवरोह।

‘आरम्भ’ में कहानीकार कहानी के शीर्षक तथा प्रारमंभिक अनुच्छेदों के द्वारा पाठक को कथासूत्र से अवगत कराता है जिससे कि वह कहानी के प्रति आकर्षित होकर उसमें रमने लगे। सफल आरम्भ वह होता है जिसमें कि कहानी शुरू करते ही पाठका का मन कुतूहल और जिज्ञासा से भर जाये।

कहानी के विकास की अवस्था को कहानी का ‘आरोह’ कहते हैं। आरोह में कहानीकार घटनाक्रम को सहज रूप में प्रस्तुत करता है और पात्रों की चारित्रिक विशेषताओं का उद्घाटन करता है।

जब कहानी पढ़ते-पढ़ते पाठक कौतूहल की पराकाष्ठा में पहुँच जाये तो उसे कहानी की ‘चरम स्थिति’ कहते हैं।

पाठक को जब कहानी के उद्देश्य का प्रतिफल प्राप्त होता है उसे कहानी का ‘अवरोह’ अथवा ‘अंत’ कहते हैं। कहानी के अवरोह में संक्षिप्तता तथा मार्मिकता पर अधिक जोर दिया जाता है।

पात्र अथवा चरित्र-चित्रण: कहानी का संचालन उसके पात्रों के द्वारा ही होता है तथा पात्रों के गुण-दोष को उनका ‘चरित्र चित्रण’ कहा जाता है। जब पात्रों का चरित्र चित्रण कहानीकार के द्वारा किया जाता है तो उसे ‘प्रत्यक्ष’ चरित्र चित्रण कहते हैं और जब पात्रों का चरित्र चित्रण संवादों के द्वारा होता है तो उसे ‘अप्रत्यक्ष’ अथवा ‘परोक्ष चरित्र’ चित्रण कहा जाता है। परोक्ष चरित्र चित्रण को अधिक उपयुक्त माना जाता है।

कथोपकथन अथवा संवाद: कहानी के पात्रों के द्वारा किये गये उनके विचारों की अभिव्यक्ति को संवाद अथवा कथोपकथन कहते हैं। संवाद के द्वारा पात्रों के मानसिक अन्तर्द्वन्द एवं अन्य मनोभावों को प्रकट किया जाता है।

देशकाल अथवा वातावरण: कहानी में वास्तविकता का पुट देने के लिये देशकाल अथवा वातावरण का प्रयोग किया जाता है। यदि किसी कहानी में शाहजहाँ और मुमताज महल को आधुनिक कार में घूमते हुये बताया जाता है तो उसे हास्यास्पद ही माना जायेगा।

भाषा-शैली: कहानीकार के द्वारा कहानी के प्रस्तुतीकरण के ढंग को उसकी भाषा शैली कहा जाता है। प्रायः अलग-अलग कहानीकारों की भाषा-शैली भी अलग-अलग होती है।

उद्देश्य: कहानी केवल मनोरंजन के लिये ही नहीं होती, उसे एक निश्चित उद्देश्य लेकर लिखा जाता है।

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Railway gk in Hindi – 8

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रेलवे सामान्य ज्ञान (Railway General Knowledge in Hindi)

Railway gk in Hindi

Gyan Sagar gk में प्रस्तुत है प्रश्नोत्तरी (Railway General Knowledge Questions Answers in Hindi) के रूप में रेलवे के बारे में जानकारी।

आशा है कि आपको Gyan Sagar General Knowledge की यह रेलवे सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी (Railway gk in Hindi) पसन्द आयेगी।

भारत में अपने आरम्भ के वर्षों में भारतीय रेल किस क्षेत्र के अधीन थी?

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निजी क्षेत्र

मुम्बई से थाणे तक का भारत का पहला रेल मार्ग किस कंपनी के द्वारा बनाया गया था?

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ग्रेट इण्डियन पेनिन्सुलर रेलवे कम्पनी

स्वतन्त्रता प्राप्ति के समय कुछ रेलें रियासतों के नियन्त्रण में थीं, उन्हें भारतीय रेल में कब मिलाया गया?

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सन् 1950 में

रेलवे बोर्ड की स्थापना कब हुई?

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सन् 1905 में

रेलवे बोर्ड की स्थापना किस गवर्नर जनरल के काल में हुई?

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लॉर्ड कर्जन

भारत में रेलगाड़ी पहली बार बोरीबंदर से थाणे तक चली थी, उस रेलगाड़ी में कितने डब्बे थे?

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14

भारतीय रेल का प्रशासन एवं संचालन किसके हाथ में है?

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रेलवे बोर्ड के

रेलवे बोर्ड में अध्यक्ष को मिलाकर कुल कितने सदस्य होते हैं?

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पाँच

रेलगाड़ियों में रेल नीर का विपणन कब शुरू हुआ?

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सन् 2002-03 में

पहली पंचवर्षीय योजना में भारतीय रेल के लिए कितनी राशि का आबंटन किया गया था?

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रु.423 करोड़ की राशि

भारतीय रेल में कम्प्यूटर रिजर्वेशन का आरम्भ कहाँ हुई?

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नई दिल्ली में

भारतीय रेल का कौन सा स्टेशन भारत के सबसे उत्तर में है?

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जम्मू तवी

भारतीय रेल का कौन सा स्टेशन भारत के सबसे दक्षिण में है?

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कन्याकुमारी

भारतीय रेल का कौन सा स्टेशन सबसे अधिक प्लेटफार्म वाला है?

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हावड़ा स्टेशन

किस रेलमंत्री ने रेल दुर्घटना के कारण पहली बार अपने पद से त्यागपत्र दिया था?

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लाल बहादुर शास्त्री

नार्वे की संस्था KVQA द्वारा बेहतर स्वच्छता सेवा के लिए ISO-900 प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाली भारत की पहली रेलगाड़ी कौन सी है?

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भोपाल एक्सप्रेस (शान-ए-भोपाल)

केवल महिलाओं के लिए चलने वाली भारत की एकमात्र रेलगाड़ी कहाँ से कहाँ तक चलती है?

उत्तर दिखायें

चर्चगेट से बोरीवली तक

भारतीय रेल किस जरिये से सर्वाधिक आय प्राप्त करती है?

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माल भाड़ा

भारत विभाजन के समय कितनी लंबी रेल लाइन पाकिस्तान के पक्ष में आई थी?

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11200 कि.मी.

भारत के कौन सा रेलवे जोन सबसे अधिक लंबाई वाला है?

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उत्तर रेलवे

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General Knowledge in Hindi 3

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पेश है हिन्दी में सामान्य ज्ञान (General Knowledge in Hindi) से सम्बन्धित जानकारी।

यहाँ पर हम भारत की झीलों (lakes) से सम्बन्धित जानकारी दे रहे हैं।

Lakes Related General Knowledge in Hindi

  • वुलर झील भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है।
  • वुलर झील जम्मू व कश्मीर राज्य में है।
  • चिल्का झील भारत की खारे पानी की सबसे बड़ी झील है।
  • वुलर झील ओडिशा राज्य में है।
  • चिल्का झील भारत की की सबसे बड़ी तटीय झील है।
  • वेम्बानद झील भारत की सबसे लंबी झील है।
  • वेम्बानद झील भारत के केरल राज्य में है।
  • चोलामु झील भारत की सर्वाधिक ऊँचाई पर स्थित झील है।
  • चोलामु झील सिक्किम राज्य में है।
  • अपर लेक एशिया का सबसे बड़ा कृत्रिम झील है।
  • अपर लेक मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में है।
  • आन्ध्र प्रदेश की झीलें – कोलेरू झील, पुलिकट झील, हैदराबाद शहर झील, सरूरनगर झील. ओसमान सागर, हिमायत सागर, हुसैन सागर,
  • कर्नाटक की झीलें – बेलान्दुर झील
  • केरल की झीलें – अष्टामुडी झील, मानचीरा, पारावुर कायल, पुनामदा झील, सास्तामकोटा झील, वेम्बानद झील चण्डीगढ़ की झीलें – सुखना झील
  • जम्मू और कश्मीर की झीलें – डल झील, अक्साई चिन झील, आंचार, कृशनसर, कौसरनाग, गंगाबल झील, गाडसर, डल झील, पांगोंग त्सो, मानसबल झील, मानसर सरोवर, विशनसर, वुलर झील, सो मोरिरी
  • ओडिशा की झीलें – चिल्का झील
  • उत्तराखण्ड की झीलें – देवरिया ताल, रुपकुण्ड, नैनीताल झील, भीमताल झील, सात ताल, नोच्हिका ताल, डोडीताल, मालीताल झील
  • उत्तर प्रदेश प्रदेश की झीलें – किथम झील, बेलासागर झील, बैरुआ सागर ताल, आमाखेरा झील, बडी ताल, नाचन ताल, चिका झील, फुलहर झील
  • तमिलनाडु प्रदेश की झीलें – चिम्बारकाकम झील, कालीवेली झील, पुल्लीकट झील, रेड हील्स झील, सोल्लावरम झील, वीरणम झील, बेरीजम झील, कोडेकनल झील,
  • मध्यप्रदेश प्रदेश की झीलें – अपर लेक (भोपल)
  • महाराष्ट्र प्रदेश की झीलें – विहार झील, तुलसी झील, पोवाई झील, लोनार झील
  • मणिपुर की झीलें – लोकटक झील
  • पंजाब की झीलें – काञली आर्द्रभूमि, हारीकी आर्द्रभूमि, रूपड़ आर्द्रभूमि
  • राजस्थान प्रदेश की झीलें – साम्भर झील, ढेबर झील, फतेहसागर झील, नक्की झील, पचपदरा झील, पुष्कर झील, राजसमन्द झील, सांभर झील, आनासागर झील, पिछोला झील, स्वरुपसागर झील, दुध तलाई झील, बालसमन्द झील, सांभर झील, फाय सगर
  • सिक्किम की झीलें – गुरुदोगमारझील, खिच्हियोपालरी झील, सोंगमा झील
  • हरियाणा की झीलें – बड़खल झील, ब्रह्म सरोवर, कर्ण झील, सन्निहित सरोवर, सूरजकुण्ड, तिलयार झील, टिक्कड़ ताल
  • हिमाचल प्रदेश की झीलें – गंगासागर झील, भृगु झील, दाशैर और धानकर झील, घाधासारू और महाकाली झील, केरारी और कुमारवाह झील, खाज्जीर झील, लामा डल एवं चांदर नौन, मच्छियाल झील, महाराणा प्रताप सागर, मनिमहेश झील, नाको झील, पंडोस झील, पराशर झील, रेणुका झील, रेवाल्सर झील, सेरूवाल्सर एवं मनीमहेश झील, सूरज ताल, सूर्य ताल, चंद्र ताल
  • अन्य झीलें – मिरिक झील, डीपोर बील झील, हरीकी झील, ढेबर झील, जलमहल झील और मानसरोवर झील, कडीनीकुलम झील, कावर (काबर) झील, कोडइकनाल झील, कुतानन्द, मीरीक झील, नगीना झील, मोकामा ताल, नानगल झील, ऊट्टी झील रबीन्द्र सरोवर, हम्बु झील, सी सागर (सुलीकेरे) झील, स्कीली झील, त्सोकार झील, वेलायनी झील
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General Knowledge in Hindi 2

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पेश है हिन्दी में सामान्य ज्ञान (General Knowledge in Hindi) से सम्बन्धित जानकारी।

Rivers Related General Knowledge in Hindi

  • नील (Nile) नदी का उद्गम अफ्रीका के विक्टोरिया झील से होता है। यह भूमध्य सागर में जाकर समाप्त होती है।
  • अमेजन (Amazon) नदी का उद्गम पेरु के ग्लैशियर फेड झील से होता है। यह अटलांटिक महासागर में में जाकर समाप्त होती है।
  • मिसीसिपी मिसौरी (Mississippi Missouri) नदी का उद्गम मोन्टाना के रेड रॉक से होता है। यह मैक्सिको की खाड़ी में जाकर समाप्त होती है।
  • चांग जियांग (Chang Jiang) नदी का उद्गम चीन में तिब्बत के पठाऱ से होता है। यह चीन सागर में जाकर समाप्त होती है।
  • ओब (Ob) नदी का उद्गम रूस के अल्ताई पर्वत से होता है। यह ओब की खाड़ी में जाकर समाप्त होती है।
  • हुआंग हे (Huang He) नदी का उद्गम चीन के कुलान पर्वत से होता है। यह चिली की खाड़ी में जाकर समाप्त होती है।
  • येनिसेइ (Yenisei) नदी का उद्गम रूस के टान्नु ओला पर्वत से होता है। यह आर्कटिक महासागर में जाकर समाप्त होती है।
  • पराना (Parana) नदी का उद्गम परानैबा-ग्रांड नदी संगम रिओ डि ला प्लाटा में जाकर समाप्त होती है।
  • इर्टिश (Irtish) नदी का उद्गम रूस के अल्ताई पर्वत से होता है। यह ओब नदी में जाकर समाप्त होती है।
  • ज़ैरे (Zaire) नदी का उद्गम लुआलाब-लुआपुला संगम से होता है। यह अटलांटिक महासागर में जाकर समाप्त होती है।
  • हेइलांग (Heilong) नदी का उद्गम शिल्का-आर्गुन संगम से होता है। यह टाटर स्ट्रेट में जाकर समाप्त होती है।
  • लेना (Lena) नदी का उद्गम रूस के बैकल पर्वत से होता है। यह आर्कटिक महासागर में जाकर समाप्त होती है।
  • मैकेंजी (Mackenzie) नदी का उद्गम कनाडा के फिनले नदी से होता है। यह ब्यूफोर्ट सागर में जाकर समाप्त होती है।
  • नाइजर (Niger) नदी का उद्गम Guinea से होता है। यह गुएना की खाड़ी में जाकर समाप्त होती है।
  • मेकॉंग (Mekong) नदी का उद्गम तिब्बत की पहाड़ियों से होता है। यह दक्षिण चीन सागर में जाकर समाप्त होती है।
  • मिस्सीसिप्पी (Mississippi) नदी का उद्गम मिनेसोटा के इटास्का झील से होता है। यह मैक्सिको की खाड़ी में जाकर समाप्त होती है।
  • मिसौरी (Missouri) नदी का उद्गम मोन्टाना के जैफर्सन-मैडिसन संगम से होता है। यह मिस्सीसिप्पी नदी में जाकर समाप्त होती है।
  • वोल्गा (Volga) नदी का उद्गम रूस के वल्दाई का पठार से होता है। यह कैस्पियन सागर में जाकर समाप्त होती है।
  • मैडेइरा (Madeira) नदी का उद्गम बेनी-मौमोर संगम से होता है। यह अमेजान नदी में जाकर समाप्त होती है।
  • पुरुस (Purus) नदी का उद्गम पेरुवियन एन्डेस से होता है। यह अमेजान नदी में जाकर समाप्त होती है।
  • सो फ्रांसिस्को (São Francisco) नदी का उद्गम ब्राजील के दक्षिणपूर्व मिनास से होता है। यह अटलांटिक महासागर में जाकर समाप्त होती है।
  • युकोन (Yukon) नदी का उद्गम कनाडा के लेवेस-पेल्ली संगम से होता है। यह बेरिंग सागर में जाकर समाप्त होती है।
  • सेंट लॉरेंस (St. Lawrence) नदी का उद्गम ओंटारियो झील से होता है। यह सेंट लॉरेंस की खाड़ी में जाकर समाप्त होती है।
  • रियो ग्रैंड (Rio Grande) नदी का उद्गम सैन जौन पर्वत (San Juan Mts., Colorado) से होता है। यह मैक्सिको की खाड़ी में जाकर समाप्त होती है।
  • ब्रह्मपुत्र (Brahmaputra) नदी का उद्गम हिमालय से होता है। यह गंगा नदी में जाकर समाप्त होती है।
  • सिंधु (Indus) नदी का उद्गम हिमालय से होता है। यह अरब सागर में जाकर समाप्त होती है।
  • डेन्यूब (Danube) नदी का उद्गम जरंमनी ब्लैक फॉरेस्ट से होता है। यह काला सागर में जाकर समाप्त होती है।
  • यूफ्रेट्स (Euphrates) नदी का उद्गम मुराट नेहारी-कारा सु संगम (Murat Nehri-Kara confluence Turkey) से होता है। यह शाट-अल-अरब में जाकर समाप्त होती है।
  • डॉर्लिंग (Darling) नदी का उद्गम आस्ट्रेलिया के पूर्वी पर्वतमाला से होता है। यह मुर्रे नदी में जाकर समाप्त होती है।
  • जैम्बेजी (Zambezi) नदी का उद्गम 11°21′S, 24°22′E, Zambia से होता है। यह मोजाम्बिक चैनल में जाकर समाप्त होती है।
  • टोकांटिन्स (Tocantins) नदी का उद्गम ब्राजील के गोइस से होता है। यह पार नदी में जाकर समाप्त होती है।
  • मुर्रे (Murray) नदी का उद्गम आस्ट्रेलियन एल्प्स से होता है। यह हिंद महासागर में जाकर समाप्त होती है।
  • नेल्सन (Nelson) नदी का उद्गम कनाडा के बो नदी से होता है। यह हड्सन की खाड़ी में जाकर समाप्त होती है।
  • पारागुआ (Paraguay) नदी का उद्गम ब्राजील के माटो ग्रोसो से होता है। यह पराना नदी में जाकर समाप्त होती है।
  • उराल (Ural) नदी का उद्गम रूस के उराल पर्वत से होता है। यह कैस्पियन सागर में जाकर समाप्त होती है।
  • गंगा (Ganges) नदी का उद्गम हिमालय से होता है। यह बंगाल की खाड़ी में जाकर समाप्त होती है।
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