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Start of movies in India

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भारत में चलचित्र निर्माण (Start of Movies in India)

मूव्ही (Movies) या (Cinema) तो हम सभी देखते हैं किन्तु कितने लोगों को पता है कि भारत में मूव्ही (Movies) या (Cinema) की शुरुआत कैसे हुई? आइये जानें कि भारत में सिनेमा का इतिहास (history of movies in India) क्या है।

7 जुलाई 1886 को बंबई (वर्तमान नाम मुंबई) के वाटकिंस हॉटल में ल्युमेरे ब्रदर्स ने छः लघु चलचित्रों का प्रदर्शन किया था। उन छोटी-छोटी फिल्मों ने ध्वनिविहीन होने बावजूद भी दर्शकों का मनोरंजन किया था।

इन लघु चलचित्रों से प्रभावित होकर श्री एच.एस. भटवडेकर और श्री हीरालाल सेन नामक व्यक्तियों ने ल्युमेरे ब्रदर्स की तरह क्रमशः बंबई) और कलकत्ता (वर्तमान नाम कोलकाता) में लघु चलचित्रों का निर्माण प्रारंभ कर दिया। सन् 1899 मे श्री भटवडेकर ने भारत के प्रथम लघु चलचित्र बनाने में सफलता प्राप्त की।

दादा साहेब फालके ने अपने लंदन प्रवास के दौरान ईसा मसीह के जीवन पर आधारित एक चलचित्र देखा। वह फिल्म ल्युमेरे ब्रदर्स की फिल्मों की तरह लघु चलचित्र न होकर लंबी फिल्म थी। उस फिल्म को देख कर दादा साहेब फालके के मन में पौराणिक कथाओं पर आधारित चलचित्रों के निर्माण करने की प्रबल इच्छा जागृत हुई। स्वदेश आकर उन्होंने राजा हरिश्चंद्र बनाई जो कि भारत की पहली लंबी फिल्म थी और सन् 1913 में प्रदर्शित हुई। उस चलचित्र ने (ध्वनिविहीन होने के बावजूद भी) लोगों का भरपूर मनोरंजन किया और दर्शकों ने उसकी खूब तारीफ की। यह एक लघु चलचित्र न होकर लंबी फिल्म थी इसीलिये इसे भारत के पहली फिल्म होने का श्रेय मिला। तो यह थी भारत में चलचित्र निर्माण की शुरवात।

उसके बाद तो चलचित्र निर्माण ने भारत के एक उद्योग का रूप धारण कर लिया और तीव्रता पूर्वक उसका विकास होने लगा। उन दिनों हिमांशु राय जर्मनी के यू.एफ.ए. स्टुडिओ में निर्माता के रूप में कार्यरत थे। वे अपनी पत्नी देविका रानी के साथ स्वदेश वापस आ गये और अपने देश में चलचित्रों का निर्माण करने लगे। उनकी पत्नी देविका रानी स्वयं उनकी फिल्मों में नायिका (हीरोइन) का कार्य करती थी। पति-पत्नी दोनों को खूब सफलता मिली और दोनों ने मिलकर बांबे टाकीज स्टुडिओ की स्थापना की।

Movies in India

उन दिनों केवल मूक फिल्में ही बना करती थीं। इन मूक फिल्मों का जिस भी थियेटर में प्रदर्शन होता था वहाँ पर फिल्म के परदे के पास से एक उद्घोषक भोंपू लेकर खड़ा रहता था जो कि फिल्म की कथा का वर्णन दर्शकों के सामने किया करता था।

Gyansagar Hindi WebsiteMovies in India1930 के आसपास चलचित्रों में ध्वनि के समावेश करने का तकनीक विकसित हो जाने से सवाक् (बोलती) फिल्में बनने लगीं। आलम आरा भारत की पहली सवाक् फिल्म थी जो कि सन् 1931 में प्रदर्शित हुई। 1933 में प्रदर्शित फिल्म कर्मा इतनी अधिक लोकप्रिय हुई कि उस फिल्म की नायिका देविका रानी को लोग फिल्म स्टार के नाम से संबोधित करने लगे और वे भारत की प्रथम महिला फिल्म स्टार बनीं।

मूक फिल्मों के जमाने तक मुंबई (पूर्व नाम बंबई) देश में चलचित्र निर्माण का केन्द्र बना रहा परंतु सवाक् फिल्मों का निर्माण शुरू हो जाने से और हमारे देश में विभिन्न भाषाओं का चलन होने के कारण चेन्नई (पूर्व नाम मद्रास) में दक्षिण भारतीय भाषाओं वाली चलचित्रों का निर्माण होने लगा। इस तरह भारत का चलचित्र उद्योग दो भागों में विभक्त हो गया।

Movies in Indiaउन दिनों प्रभात स्टुडिओ, बांबे टाकीज और न्यू थियेटर्स भारत के प्रमुख स्टुडिओ थे और ये प्रायः गंभीर किंतु मनोरंजक फिल्में बना कर दर्शकों का मनोरंजन किया करती थीं। ये तीनों स्टुडिओ देश के बड़े बैनर्स कहलाते थे। उन दिनों सामाजिक अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने वाली, धार्मिक तथा पौराणिक, ऐतिहासिक, देशप्रेम से सम्बंधित चलचित्रों का निर्माण हुआ करता था और उन्हें बहुत अधिक पसंद भी किया जाता था। उस समय के कुछ प्रसिद्ध एवं लोकप्रिय फिल्में हैं – व्ही. शांताराम की फिल्म “दुनिया ना माने”, फ्रैंज ओस्टन की फिल्म “अछूत कन्या”, दामले और फतेहलाल की फिल्म “संत तुकाराम”, मेहबूब खान की फिल्में “वतन”, “एक ही रास्ता” और “औरत”, अर्देशीर ईरानी की फिल्म “किसान कन्या” आदि।

Movies in Indiaव्ही. शांताराम की “डा. कोटनीस की अमर कहानी”, मेहबूब ख़ान की “रोटी”, चेतन आनंद की “नीचा नगर”, उदय शंकर की “कल्पना”, ख्वाज़ा अहमद अब्बास की “धरती के लाल”, सोहराब मोदी की “सिकंदर”, “पुकार” और “पृथ्वी वल्लभ”, जे.बी.एच. वाडिया की “कोर्ट डांसर”, एस.एस. वासन की “चंद्रलेखा”, विजय भट्ट की “भरत मिलाप” और “राम राज्य”, राज कपूर की “बरसात” और “आग” उन दिनों की अविस्मरणीय फिल्में हैं।

आरंभ में स्टुडिओ पद्धति का प्रचलन रहा। हरेक स्टुडिओ के अपने वेतनभोगी निर्माता, निर्देशक, संगीतकार, नायक, नायिका तथा अन्य कलाकार हुआ करते थे। पर बाद चलचित्र निर्माण में रुचि रखने वाले लोग स्वतंत्र निर्माता के रूप में फिल्म बनाने लगे। इन स्वतंत्र निर्माताओं ने स्टुडिओं को किराये पर लेना तथा कलाकारों से ठेके पर काम करवाना शुरू कर दिया. चूँकि ठेके में काम करने में अधिक आमदनी होती थी, कलाकारों ने वेतन लेकर काम करना लगभग बंद कर दिया। इस प्रकार स्टुडिओ पद्धति का चलन समाप्त हो गया और स्टुडिओं को केवल किराये पर दिया जाने लगा।

बाद के दिनों में तकनीकी का और भी विकास होने से स्टुडियो से बाहर जाकर आउटडोर शूटिंग का चलन हुआ।

और अन्त में आपको बता दें अशोक कुमार के हीरो बनने की रोचक कहानी।

बांबे टाकीज में फिल्म जीवन नैया बन रही थी और फिल्म में हीरो (नज़ाम-उल-हुसैन) हीरोइन (देविका रानी) को फिल्म की कहानी में भगाने के स्थान पर सचमुच ही भगा ले गये। हिमांशु राय भी कम न थे, खोजबीन करवा के दोनों को पकड़ मँगवाया। देविकारानी को तो क्षमा कर दिया उन्होंने पर नज़ाम-उल-हुसैन को बांबे टाकीज से निकाल बाहर कर दिया।

Movies in Indiaअब समस्या यह थी कि हीरो कहाँ से लायें? अचानक उनके जेहन में बिजली सी कौंधी कि उनके स्टुडियो का प्रयोगशाला सहायक (laboratory assistant) कुमुदलाल कांजीलाल गांगुली नौजवान भी है और खूबसूरत भी, हीरो का रोल अवश्य फब जायेगा उसे। आदेश दे दिया उसे कि हीरो का रोल करो। बेचारे कुमुदलाल ने बहुत कहा कि मुझे अभिनय का क ख ग भी नहीं आता पर उनकी एक न चली, नौकरी जो करनी थी। कुमुदलाल का फिल्मी नाम भी रख दिया हिमांशुराय ने – फिल्मी नाम था अशोक कुमार। फिल्म बनी और चली भी, ये बात अलग है कि फिल्म देविकारानी की वजह से ही चली पर अशोक कुमार बन गये मशहूर हीरो।

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Interesting facts about Indian constitution in Hindi

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संविधान से सम्बन्धित रोचक बातें (Indian Constitution Interesting Facts in Hindi)

भारतीय संविधान (Indian constitution) के विषय में आपका सामान्य ज्ञान (General Knowledge) अवश्य ही बहुत ही अच्छा होगा क्योंकि इस विषय में अनेक प्रश्न पूछे जाते हैं। किन्तु यहाँ पर प्रस्तुत है भारतीय संविधान से सम्बन्धित रोचक बातें (Indian Constitution Facts in Hindi), जिनके बारे में शायद आप न जानते हों।

  • संविधान के एक भाग में कुछ ऐतिहासिक चित्रों तथा उनके बारे में विवरणों को दर्ज किया गया है। इन विवरणों को रामपुर के प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने में लिखा था। इस कार्य में उन्हें पाँच माह का समय लगा था। उन्होंने विवरणों को लिखने में 254 पेन होल्डर और 303 निब खर्च किये।
  • श्री राजजादा द्वारा हस्तलिखित पृष्ठों को, अपने सुन्दर हस्तलेख के लिए प्रसिद्ध, शान्तिनिकेतन के कलाकार नंदलाल बोस ने संविधान में सजाने का कार्य चार वर्ष में पूर्ण किया था। ऐतिहासिक घटनाओं से परिपूर्ण 221 पृष्ठों को सुन्दर हस्तलेख में सजाने के एवज में श्री नंदलाल बोस को 21000 रुपए का पारिश्रमिक प्रदान किया गया था।
  • संविधान के इन पृष्ठों में मोहनजोदड़ो और वैदिक काल से लेकर भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन तक की घटनाओं के दृष्यों को दर्शाते हैं। इन दृश्यों को सोने के फ्रेम में मढ़ा गया है। ये समस्त पृष्ठ आज भी संविधान की मूल प्रति के साथ संसद भवन में एक स्टील बॉक्स में सुरक्षित है।
  • 25 भागों, 448 लेखों और 12 अनुसूचियों वाला भारत का संविधान विश्व में सभी संप्रभु देशों के लिखित संविधान में सबसे लंबा संविधान है।
  • संविधान सभा, जिनकी पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी, संविधान के फाइनल ड्राफ्ट बनाने में 2 साल 11 माह और 18 दिन समय लगा था।
  • फाइनल ड्राफ्ट को अन्तिम रूप देने के लिए जब बहस और चर्चा के लिए रखा गया था, तो इसे अंतिम रूप देने से पहले 2000 से ज्यादा संशोधन किए गए थे।
  • यद्यपि भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 तैयार हो गया था किन्तु उसे दो महीने के बाद 26 जनवरी 1950 को ही कानूनी तौर पर लागू किया गया था।
  • हस्तलिखित संविधान पर 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के 284 सदस्यों, जिनमें 15 महिला सदस्य भी शामिल थीं, द्वारा हस्ताक्षर किए गए। उसके दो दिन बाद 26 जनवरी को संविधान को लागू किया गया।
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Interesting facts in Hindi 3

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पशु-पक्षियों के बारे में रोचक तथ्य (Interesting facts in Hindi)

सोवियत रूस का सह्दुल या उकाब एक ऐसा पक्षी था जो हाथी जैसे विशाल जानवर को पंजे में दबाकर उड़ जाता था।

थाईलैंड में सफेद हाथी पाए जाते है।

मद्रिल संसार का सबसे बड़ा बन्दर है जो कि पश्चिम अफ्रीका के भू -मध्य रेखीय क्षेत्र में पाया जाता है।

बिच्छू एक ऐसा जीव है जो अपनी जिन्दगी में केवल एक ही बार प्रजनन करता है और प्रजनन के तुरंत बाद मर जाता है।

अमेरिका का कंगारू रैट एक ऐसा जन्तु है जो जिन्दगी भर बिना पानी पिए जीता है।

गरनाई मछली एक ऐसी मछली है जो पानी में तैरती है, जमीन पर चलती है और हवा में उड़ती है।

ऑस्ट्रेलिया की.पिट्टा चिड़िया विश्व की एक ऐसी चिड़िया है जिसके पंख नौ रंग के होते हैं।

दक्षिण अमेरिका का बिटर्न पक्षी संसार का एक ऐसा पक्षी है जो बाघ की तरह आवाज़ निकालता है।

ऑस्ट्रेलिया में काले रंग के हंस जाते है।

भारत का हरियल नामक पक्षी एक ऐसा पक्षी है जो जमीन पर कभी पैर नहीं रखता।

एशिया की मेंडक मछली पानी के बाहर कई दिन तक जीवित रह सकती है।

अफ्रीका का प्रडउल नाम का भूरे रंग का नर तोता विश्व का सबसे बातूनी पक्षी है।

साँप के पैर नहीं होते किन्तु वह काफी तेजी के साथ दौड़ सकता है।

चीता संसार का सबसे तेज दौड़ने वाला जानवर है, वह 60 कि मी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ता है।

डक हाक संसार का सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी है जो कि 180 मील प्रति घंटा की रफ़्तार से उड़ सकता है।

हमिंग बर्ड संसार का सबसे छोटा पक्षी है इस के शरीर की लम्बाई पूँछ समेत 5-13 cm की होती है।

पईचान नामक सर्प संसार का बड़ा सर्प है जिसकी लम्बाई 33 फुट तक होती है।

भालू घायल होने पर आदमी की तरह रोता है।

कछुआ सबसे अधिक दिनों तक जीने वाला प्राणी है जिसकी उम्र 300 वर्ष तक होती है।

खतरे का अनुभव करने पर कंगारू अपने बच्चों को पेट में छिपा लेता है और खतरा समाप्त होने पर फिर से बाहर निकल देता है।

क्यूबा की बुलको नस्ल की गाय संसार में सबसे अधिक दूध देने वाली गाय है।

राको फोर्स नामक मेंढक उड़ सकता है।

ऑस्ट्रेलिया में संसार का सबसे बड़ा केंचुआ पाया जाता है जिसकी लम्बाई 12 फुट और मोटाई 10 इंच तक होती है।

चमगादड़ एक स्तनपायी पक्षी है।

सेल फिश सबसे तेज रफ़्तार वाली मछली जिसकी रफ्तार 90 कि मी प्रति घंटा तक होती है।

स्टोनफिश सबसे जहरीली मछली है।

ऊँट कई हफ्ते तक बगैर पानी पिये रह सकता है।

कंगारू तीस फुट तक छलांग मार सकता है।

चीता अंधेरे में भी देख सकता है।

पृथ्वी में पाये जाने वाले जानवरों में हाथी सबसे बड़ा जानवर है।

आस्ट्रिच याने कि शुतुरमुर्ग सबसे बड़ा पक्षी है।

जिराफ सबसे लंबी गर्दन वाला जानवर है।

ब्लू हेल पानी में रहने वाला सबसे बड़ा जीव है।

कोयल कभी भी अपना घोसला नहीं बनाती, वह अपने अंडे कौए के घोसले में रख देती है।

पक्षी कुछ मीटर की ऊँचाई से लेकर एवरेस्ट की चोटी की ऊँचाई अर्थात् 8848 मीटर तक उड़ सकते हैं।

जहाँ सिंह को पशुओं का राजा माना जाता है वहीं बाज को पक्षियों का राजा माना जाता है।

बुलबुल सबसे अधिक मधुर आवाज वाली चिड़िया है।

भारत संसार का सबसे अधिक पशुधन वाला देश है।

टीपः उपरोक्त जानकारी का संकलन इन्टरनेट के विभिन्न साइट्स से किया गया है, अतः किसी प्रकार की गलत जानकारी होने की सम्भावना को नकारा नहीं जा सकता। आप गलत जानकारी की सूचना देकर गलतियों को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

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Interesting Facts about India in Hindi

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क्या आप भारत (India) से सम्बन्धित निम्न रोचक तथ्यों (interesting facts) को जानते हैं?

भारत के विषय में रोचक तथ्य

  • भारत सदा से ही शान्तिप्रिय, सभ्य, सुसंस्कृत औ विद्वता में अग्रणी देश रहा है यही कारण है कि अपने लाखों वर्षों के इतिहास में भारत ने कभी भी किसी देश पर आक्रमण नहीं किया।
  • यदि हम 5000 वर्ष पहले के इतिहास में झाँके तो पायेंगे कि उन दिनों विश्व के अधिकतर देशों के लोग असभ्य थे, जंगलों में रहा करते थे और खानाबदोश जीवन बिताते थे जबकि उन्हीं दिनों भारत के निवासियों ने सिन्धु घाटी में हड़प्पा संस्कृति की स्थापना की थी।
  • भारत पर आक्रमण करने वाले ईरानी आक्रमणकारियों ने “सिन्धु” को “हिन्दु” नाम दे दिया जिसके कारण भारत को “हिन्दुस्थान” कहा जाने लगा।
  • अंग्रेजों ने “सिन्धु” नदी को “इण्डस” (Indus) नाम दिया जिसके कारण भारत को “इन्डिया” (India) कहा जाने लगा।
  • विश्व को “शून्य” भारत ने ही दिया।
  • बोधायन ने क्षेत्रफल से सम्बन्धित रेखागणित के अनेक सूत्रों का प्रतिपादन किया जिनमें से पाइथागोरस का साध्य कहलाने वाला थ्योरम भी है।
  • नौवहन की कला और नौवहन का जन्‍म 6000 वर्ष पहले सिंध नदी में हुआ था। दुनिया का सबसे पहला नौवहन संस्‍कृ‍त शब्‍द नव गति से उत्‍पन्‍न हुआ है। शब्‍द नौ सेना भी संस्‍कृत शब्‍द नोउ से हुआ।
  • भास्‍कराचार्य ने खगोल शास्‍त्र के कई सौ साल पहले पृथ्‍वी द्वारा सूर्य के चारों ओर चक्‍कर लगाने में लगने वाले सही समय की गणना की थी। उनकी गणना के अनुसार सूर्य की परिक्रमा में पृथ्‍वी को 365.258756484 दिन का समय लगता है।
  • भारतीय गणितज्ञ बुधायन द्वारा ‘पाई’ का मूल्‍य ज्ञात किया गया था और उन्‍होंने जिस संकल्‍पना को समझाया उसे पाइथागोरस का प्रमेय करते हैं। उन्‍होंने इसकी खोज छठवीं शताब्‍दी में की, जो यूरोपीय गणितज्ञों से काफी पहले की गई थी।
  • बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का उद्भव भी भारत में हुआ था। चतुष्‍पद समीकरण का उपयोग 11वीं शताब्‍दी में श्री धराचार्य द्वारा किया गया था। ग्रीक तथा रोमनों द्वारा उपयोग की गई की सबसे बड़ी संख्‍या 106 थी जबकि हिन्‍दुओं ने 10*53 जितने बड़े अंकों का उपयोग (अर्थात 10 की घात 53), के साथ विशिष्‍ट नाम 5000 बीसी के दौरान किया। आज भी उपयोग की जाने वाली सबसे बड़ी संख्‍या टेरा: 10*12 (10 की घात12) है।
  • बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का अध्‍ययन भारत में ही आरंभ हुआ था।
  • ‘स्‍थान मूल्‍य प्रणाली’ और ‘दशमलव प्रणाली’ का विकास भी भारत में ही हुआ।
  • शतरंज का खेल, जिसका प्राचीन भारतीय नाम “चतुरंग” है, भारत में ही शुरू हुआ।
  • तमिलनाडु के तंजौर का बृहदेश्‍वर मंदिर विश्व का प्रथम ग्रेनाइट वास्तुकला है।
  • ई.पू. 700 में तक्षशिला में स्‍थापित विश्वविद्यालय विश्व का प्रथम विश्वविद्यालय था जहाँ संसार भर के 10,500 से अधिक विद्यार्थी 60 से अधिक विषयों का अध्ययन करते थे।
  • नालंदा विश्‍वविद्यालय चौथी शताब्‍दी में स्‍थापित किया गया था जो शिक्षा के क्षेत्र में प्राचीन भारत की महानतम उपलब्धियों में से एक है।
  • आयुर्वेद का ज्ञान होने के कारण भारत प्राचीन काल में चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी था।
  • सुश्रुत को शल्‍य चिकित्‍सा का जनक माना जाता है। लगभग 2600 वर्ष पहले सुश्रुत और उनके सहयोगियों ने मोतियाबिंद, कृत्रिम अंगों को लगना, शल्‍य क्रिया द्वारा प्रसव, अस्थिभंग जोड़ना, मूत्राशय की पथरी, प्‍लास्टिक सर्जरी और मस्तिष्‍क की शल्‍य क्रियाएँ आदि की।
  • भारत में 4 धर्मों का जन्‍म हुआ – हिन्‍दु, बौद्ध, जैन और सिक्‍ख धर्म और जिनका पालन दुनिया की आबादी का 25 प्रतिशत हिस्‍सा करता है।
  • 17वीं शताब्‍दी के आरंभ तक भारत विश्व का सर्वाधिक सम्पन्न देश था।
  • भारत विश्व का सबसे बड़ा गणतंत्र है।
  • भारत विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है।
  • भारत से 90 देशों को सॉफ्टवेयर का निर्यात किया जाता है।
  • विश्‍व में सबसे बड़ा धार्मिक भवन अंगकोरवाट, हिन्‍दु मंदिर है जो कम्‍बोडिया में 11वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था।

दुःख की बात तो यह है कि उपरोक्त महत्वपूर्ण जानकारी को हमारे देश में शिक्षा के किसी भी पाठ्यक्रम में स्थान नहीं दिया गया है।

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Interesting Scientific Facts in Hindi

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लीजिए पेश है कुछ रोचक वैज्ञानिक तथ्य (Interesting Scientific Facts in Hindi)

  • प्रकाश की गति 186,000 मील प्रति सेकंड है।
  • सूर्य से पृथ्वी तक आने में प्रकाश को 8 मिनट 17 सेकंड लगते हैं।
  • पृथ्वी अपनी धुरी पर 1000 मील प्रति घण्टे की गति से घूमती है और अन्तरिक्ष में 67,000 मील प्रति घण्टे की गति से चक्कर लगाती है।
  • प्रतिवर्ष दस लाख भूकंप पृथ्वी को कँपाते हैं।
  • अब तक गिरे ओलों में सबसे बड़े ओले, जो कि बांग्लादेश में सन् 1986 में गिरा था, का वजन 1 किलो था।
  • गाज गिरने के कारण प्रतिवर्ष लगभग 1000 लोग मरते हैं।
  • वैज्ञानिक जानारी के अनुसार पृथ्वी का जन्म 4.56 अरब वर्ष पहले हुआ था।
  • DNA की खोज Swiss Friedrich Mieschler ने सन् 1869 में की थी।
  • वाट्सन (Watson) और क्रिक (Crick) ने सन् 1953 में DNA की आण्विक संरचना सुनिश्चित की थी।
  • थर्मामीटर की खोज सन् 1607 में गैलेलियो (Galileo) ने की थी।
  • आवर्धक लैंस (magnifying glass) की खोज इंग्लिशमैन रोगर बैकन  (Englishman Roger Bacon) ने सन् 1250 में की थी।
  • बारूद (dynamite) का आविष्कार अल्फ्रेड नोबल (Alfred Nobel) ने सन्  1866 में किया था।
  • भौतिक शास्त्र के लिए नोबल पुरस्कार प्रथम बार सन् 1895 में विल्थेलम रोन्टगन (Wilhelm Rontgen) को एक्स-रे की खोज के लिए मिला था।
  • क्रिश्चन बर्नाड (Christian Barnard) ने सन् 1967 में पहली बार हृदय प्रतिरोपण (heart transplant) किया था।
  • एक विद्युत पैदा करने वाली मछली  650 वोल्ट तक बिजली पैदा कर सकती है।
  • मनुष्य के पेट में पाया जाने वाला टेपवर्म (tapeworm) नामक कृमि  22.9 मीटर तक लंबा हो सकता है।
  • चिंपांजी  300 अलग अलग संकेतों को समझने की बुद्धि रखते हैं।
  • एबोला वायरस (Ebola virus) से इन्फेक्टेड प्रति 5 व्यक्तियों में स 4 की मृत्यु हो जाती है।
  • मनुष्य के शरीर में 60,000 मील लम्बी रक्त नलिकाएँ होती हैं।
  • एक रक्त कोशिका को सम्पूर्ण शरीर का एक चक्कर लगाने के लिए लगभग 60 सेकंड का समय लगता है।
  • टेलीफोन के आविष्कारक अलेक्जेंडर ग्राहम बेल (Alexander Graham Bell) की मृत्यु के पश्चात उनके पार्थिव शरीर को दफनाते समय उन्हे श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से सम्पूर्ण  US में  1 मिनट के लिए टेलीफोन सिस्टम को बंद रखा गया था।
  • ब्रह्माण्ड में 100 अरब आकाश गंगाएँ हैं।
  • चुम्बन लेने की अपेक्षा हाथ मिलाने में अधिक जर्म्स स्थानान्तरित होते हैं।
  • आकाश से गिरने वाली वर्षा की बूंदों की गति 18 मील प्रति घण्टे तक होती है।
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Interesting facts about human body

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मानव शरीर से सम्बन्धित कुछ रोचक जानकारी (Interesting Facts)

  • एक वयस्क व्यक्ति के शरीर में 206 हड्डियाँ होती हैं जबकि बच्चे के शरीर में 300 हड्डियाँ होती हैं (क्योंकि उनमें से कुछ गल जाती हैं और कुछ आपस में मिल जाती हैं)।
  • मनुष्य के शरीर में सबसे छोटी हड्डी स्टेप्स या स्टिरुप (stapes or stirrup) होती है जो कि कान के बीच में होती है तथा जिसकी लंबाई लगभग 11 इंच (.28 से.मी.) होती है।
  • मनुष्य के शरीर में मोटोर न्यूरोन्स (motor neurons) सबसे लंबी सेल होती है जो कि रीढ़ की हड्डी से शुरू होकर पैर के टखने तक जाती है और जिसकी लंबाई 4.5 फुट (1.37 मीटर) तक हो सकती है।
  • मनुष्य की जाँघों की हड्डियाँ कंक्रीट से भी अधिक मजबूत होती हैं।
  • मनुष्य की आँखों का आकार जन्म से लेकर मृत्यु तक एक ही रहता है जबकि नाक और कान के आकार हमेशा बढ़ते रहते हैं।
  • आदमी एक साल में औसतन 62,05,000 बार पलकें झपकाता है।
  • खाए गए भोजन को पचने में लगभग 12 घण्टे लगते हैं।
  • मनुष्य के जबड़ों की पेशियाँ दाढ़ों में 200 पौंड (90.8 कि.ग्रा.) के बराबर शक्ति उत्पन्न करती हैं।
  • अभी तक प्राप्त आँकड़ों के अनुसार सबसे भारी मानव मस्तिष्क का वजन 5 पौंड 1.1 औंस. (2.3 कि.ग्रा..) पाया गया है।
  • एक सामान्य मनुष्य अपने पूरे जीवनकाल में भूमध्य रेखा के पाँच बार चक्कर लगाने जितना चलता है।
  • मनुष्य की मृत्यु हो जाने के बाद भी बाल और नाखून बढ़ते ही रहते हैं।
    मनुष्य की चमड़ी के भीतर लगभग45 मील (72 कि.मी.) लंबी तंत्रिकाएँ (नसें) होती हैं।
  • मनुष्य के शरीर के भीतर रक्त प्रतिदिन 60,000 मील (96,540 कि.मी.) दूरी की यात्रा करता है।
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Interesting facts about geography – General Knowledge in Hindi

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सामान्य ज्ञान (General Knowledge) के तहत प्रस्तुत है भूगोल (Geography) से सम्बन्धित रोचक तथ्य (Interesting Facts)!

Interesting facts about geography – General Knowledge in Hindi

  • क्या कभी आपने गौर किया है कि जितने भी महाद्वीप है उनके अंग्रेजी नाम उसी अक्षर से खत्म भी होते हैं जिस से अक्षर से वे शुरू होते हैं, (America के North और South को छोड़ने पर)। खुद देख लीजिए – Asia, Africa, North America, South America, Antarctica, Europe, और Australia।
  • क्या आप सोच सकते हैं कि पानी में रखी कोई सड़ने-गलने वाली कोई वस्तु न कभी सड़े ना गले? जी हाँ, अन्टार्टिका में पानी इतना ठंडा है कि उसके अन्दर की कोई भी चीज न कभी सड़ती है और न ही कभी गलती है।
  • क्या आप जानते हैं कि अगर अन्टार्टिका में जमी बर्फ की सारी पत्तरें गल कर पानी बन जाएँ तो विश्व के सारे सागर 60 से 65 मीटर अर्थात 200 से 210 फुट तक और भर जाएँगे।
  • ज्ञात रेकार्ड के अनुसार अन्टार्टिका का सर्वाधिक गर्म तापमान 3 डिग्री फैरनहीट तक ही गया है।
  • औसतन एक हिमशैल (ice berg) का भार लगभग दो करोड़ टन होता है।
  • विश्व के सारे वन क्षेत्रों के क्षेत्रफल का 25% से भी अधिक भाग साइबेरिया में हैं।
  • यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि समुद्र की एक बूंद पानी को भाप बनकर पूरे विश्व में प्रसारित होने में 1000 साल से भी अधिक समय लग जाता है।
  • विश्व में एक नगर ऐसा भी है जो धीरे-धीरे धँसकते जा रहा है। जी हाँ, टैक्सास का होस्टन नगर धसान (दलदल) में बसा हुआ है और धीरे-धीरे धँसकते जा रहा है।
  • ऑक्सीजन के बिना हम जी नहीं सकते किन्तु ईश्वर का धन्यवाद है कि ऑक्सीजन का उत्पादन प्राकृतिक रूप से पूरे विश्व में होता है। किन्तु शायद आप यह नहीं जानते होंगे कि संसार में उत्पन्न होने वाले समस्त ऑक्सीजन का 20% से भी अधिक भाग अमेजन के वर्षावनों में उत्पन्न होता है।
  • सोना एक ऐसी वस्तु है जिसे पाने के लिए आदिकाल से अब तक चोरी, डाका और हत्या तक जैसे अपराध होते चले आ रहे हैं। सोने के प्रलोभन से शायद ही कोई व्यक्ति अछूता हो। किन्तु आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हमारी पृथ्वी में सोना अतुलित मात्रा में मौजूद है। क्या आप जानते हैं कि समुद्र के एक घन मील (One cubic mile) पानी में लगभग 50 पौंड सोना घुला होता है।
  • विश्व में प्रत्येक साल 50,000 से भी अधिक भूकंप आते हैं।
  • क्या आपको पता है कि स्टेट ऑफ फ्लोरिडा पूरे इंग्लैंड से भी बड़ा है।
  • अमेरिका का 5,60,000 मीटर गहरा ‘माम्मोह केव्ह सिस्टम’ (Mammoth Cave System) संसार का सबसे लंबा खोह है।
  • इजराइल का मृत सागर समुद्र सतह से 1,312 फुट नीचे स्थित है।
  • एक पूरी तरह से विकसित रक्त दारु के पेड़ (redwood tree) की पत्तियाँ 2 टन से भी अधिक पानी निष्कासित करती हैं।
  • जंगल में लगी आग नीचे की अपेक्षा ऊपर की ओर तीव्र गति से फैलती है।
  • अलास्का में हर साल लगभग 5,000 भूकंप आते हैं।
  • यूरोप ही एक ऐसा महाद्वीप हैं जिसमें कोई भी मरुस्थल नहीं है।
  • चन्द्रमा के सिर के ठीक ऊपर आने पर उसके गुरुत्वाकर्षण के कारण आपका वजन जरा सा कम हो जाता है।
  • अटलांटिक महासागर प्रशान्त महासागर से अधिक खारा है।
  • एक ज्वालामुखी में राख को 50 किलोमीटर से भी ऊपर फेंकने की शक्ति होती है।
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Universe Facts – General Knowledge in Hindi

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अन्तरिक्ष एवं उससे सम्बन्धित तथ्यों (Universe Facts) को जानना सामान्य ज्ञान (General Knowledge) का ही अंग है।

Universe Facts – General Knowledge in Hindi

माना जाता है कि ब्रह्माण्ड की आयु लगभग 15 अरब वर्ष है।

आइंस्टीन के सापेक्षता सिद्धान्त बताता है कि गुरुत्व की वजह से ब्रह्माण्ड के सभी किनारे समाप्त हो गये हैं। निष्कर्ष यह है कि ब्रह्माण्ड का न तो कोई केन्द्र है और न ही कोई किनारा।

वैज्ञानिक मानते हैं कि ब्रह्माण्ड में आकाशगंगाओं की संख्या 20 ट्रिलियन है।

आकाशगंगाएँ सामान्यतः समूहों में पायी जाती हैं। एक समूह में 30 या उससे अधिक आकाशगंगाएँ होती हैं।

ब्रह्माण्ड में सबसे दूर स्थित खगोलीय पिण्ड क्वासर्स होते हैं। निकटतम क्वासर भी कई करोड़ प्रकाश वर्ष दूरी पर है।

3 C 273 नामक क्वासर सबसे चमकदार क्वासर है जो कि 2 करोड़ प्रकाश वर्ष दूरी पर है।

प्रत्येक आकाशगंगा के बीच में कृष्ण छिद्र (Black Hole) पाया जाता है।

कृष्ण छिद्र (Black Hole) के विपरीत दिशा में व्हाइट होल पाया जाता है जिसमें से फव्वारे की तरह से एक पदार्थ तथा प्रकाश का उत्सर्जन होता रहता है।

ब्लैक होल के नजदीक में विद्यमान गैसें कुछ समय में ही विद्युतीय जनरेटर में बदल जाती हैं जिससे अन्तरिक्ष में अनेकों किलोमीटर लंबी विद्युत धारा निकलने लगती है।

तारामण्डल में सूर्य के आकार से लाखों गुना बड़े आकार वाले अनेक तारे हैं।

सूर्य को आकाशगंगा की परिक्रमा करने में लगभग 20 करोड़ वर्ष लगते हैं और इस दौरान सूर्य 1 लाख प्रकाशवर्ष की दूरी तय करता है।

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Interesting Facts in Hindi 2

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प्रस्तुत है Interesting Facts in Hindi

  • नोबल शान्ति पुरस्कार के मैडल (Nobel Peace Prize medal) में एक दूसरे के कंधे पकड़े हुए तीन वस्त्रहीन व्यक्तियों का चित्र बना होता है।
  • काँच के टूटते समय काँच के कण 3000 मील प्रति घंटा की गति से चटकते हैं।
  • हमारे शरीर के भीतर प्रति सेकंड 150 लाख रक्त कोशिकाएँ (blood cells) पैदा होती हैं और उतनी ही मरती भी हैं।
  • संसार में प्रतिदिन 20 बैंक लूटे जाते हैं तथा लूट की औसत रकम $2,500 होती है।
  • विश्व में सर्वाधिक लोकप्रिय प्रथम नाम मुहम्मद है।
  • कनाडा पोस्ट के द्वारा 1 फरवरी 1969 से शनिवार के दिन मेल डिलीवरी बंद कर दी गई थी, जो कि आज तक लागू है।
  • टोकियो में सड़क ट्रैफिक इतनी है कि सायकल सवार कार वाले से पहले अपने गंतव्य स्थान पर पहुँच जाता है।
  • ताश की गड्डी में पान का बादशाह बिना मूँछों वाला होता है जबकि हुकुम, चिड़ी और ईंट के बादशाह मूछ वाले होते हैं।
  • Iceland में वेटर को टिप देना उनका अपमान करना समझा जाता है।
  • साइबेरिया में उन्नीसवीं शताब्दी तक चाय पत्ती से बने ब्लॉक को मुद्रा के रूप में प्रयोग किया जाता था।

टीपः उपरोक्त जानकारी का संकलन इन्टरनेट के विभिन्न साइट्स से किया गया है, अतः किसी प्रकार की गलत जानकारी होने की सम्भावना को नकारा नहीं जा सकता। आप गलत जानकारी की सूचना देकर गलतियों को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

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Unique Tradition of Khappar March

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कवर्धा में खप्पर निकलने की प्रथा (Unique Tradition of Khappar March)

khappar March

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कवर्धा (Kawardha) में नवरात्रि के अष्टमी की रात को खप्पर निकालने (Khappar March) की विशिष्ट प्रथा (unique tradition) है।

इस विशिष्ट प्रथा (unique tradition) के अन्तर्गत् प्रत्येक नवरात्रि की अष्टमी की अर्द्धरात्रि में 2-4, जिन्हें खप्परधारी कहा जाता है, लोग माँ परमेश्वरी मन्दिर तथा माँ चण्डी मंदिर से एक हाथ में अग्नि से धधकता हुआ खप्पर (Khappar) लेकर और दूसरे हाथ में चमकती नंगी तलवार लहराते हुए निकलते हैं।

खप्परधारी गहरे लाल रंग के वस्त्र पहने होते हैं, सिर पर कृत्रिम लंबे केश और मुकुट होता है। इनका रौद्ररूप अत्यन्त भयावह होता है।

खप्पर धारियों के आगे आगे हाथ में तलवार या झंडा लिए हुए कुछ लोग चलते हैं जिन्हें अगुआन या लंगूर कहा जाता है।

ये सभी विचित्र सी भयानक किलकारी “हूऽऽऊऊऊ… हूऽऽऊऊऊ… हूऽऽऊऊऊ…” की आवाज करते हुए निकलते हैं।

पूरे नगर के तथा आस-पास के गाँवों से आये हुए लोग इस खप्पर जुलूस को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर एकत्रित रहते हैं।

हजारों की संख्या में लोगों के उपस्थित होने के बावजूद भी भय के कारण सन्नाटा छाया रहता है।

खप्पर के पीछे माता की सेवा में लगे, परंपरानुसार मंत्रोच्चारणों के साथ पूजा-अर्चना करते पंडित चलते हैं।

यह खप्पर (Khappar) जिला/पुलिस प्रशासन तथा नगर में नगरवासियों को मन्दिर समिति के द्वारा आम सूचना दिए जाने के बाद परम्परागत निर्धारित मार्ग से शहर के सभी देवी मंदिरो से होता हुआ पुनः मंदिर प्रांगण पहुंचता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार यह प्रथा ग्राम व नगर की पूजा प्राकृतिक आपदाओं से मुक्ति दिलाने व नगर में विराजमान देवी-देवताओं का रीति-रिवाजों के अनुरुप मान-मनौव्वल स्थापित करने के लिए है।

मूल लेखः ” खप्पर ” कवर्धा देवी के मंदिर से दाएं हाथ में चमचमाती तलवार व बाये हाथ में अग्नि से धधकता खप्पर लेकर लाल रंग के वस्त्र में अष्ट्मी नवरात्री की रात्रि पहर को निकलता है रौद्ररूप में नगर भ्रमण में ?

Abhout Mr. DK Author:

DK Sharma

Mr. DK Sharma is a retired administrative officer of Chhattisgarh Government, having keen interest in archaeology, wild life, tours & travels.

Mr. Shrma’s blog is – यात्रा जिंदगी की Journey of life

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