|
हिंदी वेबसाइट में आपका स्वागत है!
एचटीएमएल (HTML) - परिचय
इस एचटीएमएल ट्यूटोरियल (HTML Tutorial) में बताया जायेगा कि अपने वेबसाइट के निर्माण के लिये एचटीएमएल का प्रयोग कैसे किया जाता है।
आपको यह जान कर प्रसन्नता होगी कि एचटीएमएल सीखना बहुत आसान है।
विश्वास कीजिये कि एचटीएमएल सीखने में आपको बहुत आनन्द आयेगा।
यह तो आप जानते ही हैं कि HTML एक 'प्रोग्रामिंग लेंग्वेज' है और इसका प्रयोग 'वेब पेज' बनाने के लिये किया जाता है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप इस ट्यूटोरियल को पढ़ कर अवश्य ही HTML सीख जायेंगे और कुछ ही दिनों में अपना वेब पेज बना रहे होंगे। हमारा आपसे अनुरोध है कि इस ट्यूटोरियल को किसी उपन्यास या कहानी के जैसे एक बार में न पढ़ें बल्कि रोज घंटे-आधा घंटे का समय इसे पढ़ने के लिये दें और पढ़ने के बाद इसका मनन-चिंतन करके रोज HTML का अभ्यास भी करें।
तैयारियाँ
HTML बहुत ही सरल भाषा है। इसे शुरू करने के लिये सिर्फ आपको एक सामान्य 'टैक्स्ट एडीटर' (Text Editor) की ही आवश्यकता होगी। 'नोटपैड' (Notepad> एक उत्तम टैक्स्ट एडीटर है और आसानी से आप सभी के पास मुफ्त में उपलब्ध भी है। बस आप इसी से अपना अभ्यास शुरू करें।
आप अपना हिन्दी का वेब पेज अवश्य ही बनाना चाहेंगे किन्तु फिलहाल आप अंग्रेजी के ही टैक्स्ट से अभ्यास शुरू करें क्योंकि हिंदी वेब पेज बनाने के लिये आपको 'यूनीकोड फांट' (Unicode Font) की आवश्यकता पड़ेगी जिसका अभ्यास आप बाद में कर सकते हैं
एचटीएमएल की पृष्ठभूमि (HTML Background)
HTML कोई बहुत पुरानी भाषा नहीं है इस भाषा का पहला वेब पेज नवम्बर 1990 में बना। फिर 'वर्ल्ड वाइड वेब कॉन्सोर्टियम' (World Wide Web Consortium) नामक एक समूह की स्थापना हुई जो कि HTML के मानकों को तय करती है।
वेब पेजेस
वेब पेजेस बहुत ही उपयोगी होते हैं। नीचे वेब पेजेस की कुछ महत्वपूर्ण उपयोगिताएँ दी जा रही हैं:
- वेब पेजेस आपकी जानकारी को बहुत ही कम खर्च में अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचा देते हैं।
- वेब पेजेस उद्योग और व्यापार के लिये अति उत्तम साधन हैं।
- वेब पेजेस के द्वारा ही संसार के लोग आपके व्यक्तिगत वेबसाइट को जानने लगते हैं।
HTML के आवश्यक शब्द
- टैग (Tag) - टैग का प्रयोग ब्राउसर्स को HTML डाकुमेंट्स को समझाने के लिये किया जाता है यह इस प्रकार दिखाई देता है: <tag>
- अवयव (Element) - एक टैग से शुरू हो कर दूसरे टैग में बंद होने वाले टैक्स्ट को अवयव कहा जाता है।
- एट्रीब्यूट (Attribute) - एट्रीब्यूट का प्रयोग अवयव के रूप में परिवर्तन करने के लिये किया जाता है। प्रायः अवयवों में एक से अधिक एट्रीब्यूट्स का प्रयोग होता है।
हो सकता है कि ये परिभाषाएँ शुरू शुरू में समझने में कुछ कठिन लगें किन्तु बाद में अभ्यास करते करते ये आपको बहुत आसान लगने लगेंगी।
|