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हिन्दी में सामान्य ज्ञान (General knowledge in Hindi) के अन्तर्गत प्रस्तुत है भारत में उगाये जाने वाले फसलों (Crops in India) के विषय में जानकारी।

Samanya Gyan in Hindi

वैसे तो भारत में अनेक प्रकार के फसल (crops) बोये जाते हैं, पर हम यहाँ पर फसलों के प्रमुख प्रकारों के बारे में चर्चा करेंगे। भारत में प्रमुख रूप से तीन प्रकार की फसलें होती हैं – खरीफ फसलें, रबी फसलें और जायद फसलें।

खरीफ फसलें (Kharif) – बारिश की शुरुआत के समय बोई जाने वाली फसलें खरीफ फसलें कहलाती हैं। खरीफ फसलों को बोने का समय है मई से जुलाई माह के बीच। सितम्बर से अक्टूबर तक खरीफ फसलों को काट लिया जाता है।

स्पष्ट है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आने के समय खरी फसलों को बोया जाता है क्योंकि उस समय वातावरण अधिक आर्द्र रहता है जो कि खरीफ फसलों के लिए उपयुक्त होता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के समय इन फसलों को काट लिया जाता है क्योंकि उस समय शुष्कता अधिक हो जाती है जो कि फसलों को पका देती है।

भारत की प्रमुख खरीफ फसलें हैं – धान, ज्वार, बाजरा, मूंगफली, मक्का, मूंग, सोयाबीन, कपास, पटसन, गन्ना, तम्बाकू आदि।

रबी फसलें (Rabi) – शीत ऋतु के आरम्भ में बोई जाने वाली फसलें रबी फसलें कहलाती हैं। रबी फसलों को बोने का समय है अक्टूबर से दिसम्बर माह के बीच। फरवरी से अप्रैल तक खरीफ फसलों को काट लिया जाता है।

रबी फसलों के बीजों के अंकुरण के लिए ठंडी जलवायु की आवश्यकता होती है, साथ ही सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता कम होती है। इसीलिए इन्हें ठंड का मौसम आरम्भ होने के समय बोया जाता है। किन्तु इन फसलों को पकने के लिए अधिक तापक्रम और अधिक सूर्यप्रकाश की आवश्यकता होती है। अतः इन्हें गर्मी की शुरवात में काटा जाता है।

भारत की प्रमुख खरीफ फसलें हैं – गेहूँ, चना, सरसों, मटर, जौ, मसूर, आलू आदि।

जायद फसलें (Jayad) – पूरे वर्ष भर कृत्रिम सिंचाई द्वारा उगाई जाने वाली फसलें जायद फसलें कहलाती हैं। जायद फसलें दो प्रकार की होती हैं – जायद खरीफ और जायद रबी।

जायद खरीफ फसलों को अगस्त से सितम्बर माह में बोया जाता है और दिसम्बर से जनवरी माह तक काट लिया जाता है।

धान, कपास, ज्वार, तिलहन आदि जायद खरीफ फसलें हैं।

जायद रबी फसलों को फरवरी से मार्च माह में बोया जाता है और अप्रैल से मई माह तक काट लिया जाता है।

तरबूज, खरबूज, ककड़ी, मूंग आदि जायद रबी फसलें हैं।

कपास तथा पटसन रेशेदार फसलें कहलाती हैं

चाय और कॉफी को औषधीय एवं पेय फसलें कहा जाता है।

जो फसलें दलने पर दो भाग में विभक्त हो जाती हैं, उन्हे दलहन कहा जाता है, जैसे कि तुअर, उड़द, मूंग, मसूर आदि।

जिन फसलों से तेल निकाला जाता है, उन्हें तिलहन कहा जाता है, जैसे कि मूंगफली, सरसों, सोयाबीन आदि।

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