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हिन्दी में सामान्य ज्ञान (Samanya Gyan in Hindi)

पेश है हिन्दी में सामान्य ज्ञान (General Knowledge in Hindi) से सम्बन्धित जानकारी।

यहाँ पर हम भारतीय संस्कृति (Indian Culture) से सम्बन्धित जानकारी दे रहे हैं। यह जानकारी बुनियादी सामान्य ज्ञान (Basic General Knowledge in Hindi) के लिए महत्वपूर्ण है।

  • अथर्व वेद में सभा और समिति को प्रजापति की दो पुत्रियाँ बताया गया है।
  • राजकीय सूचनाओं का आदान-प्रदान करने वाले अधिकारी को पालागल कहा जाता था।
  • उत्तरवैदिक काल में सेना का प्रमुख सेनानी होता था।
  • ऋग् वेद में विदथ का उल्लेख सबसे अधिक बार मिलता है।
  • ऋग् वेद का नवम् मण्डल अग्नि देवता की प्रसंशा में लिखा गया है।
  • गृत्समद, वामदेव, विश्वामित्र, वशिष्ठ, अत्रि आदि ऋषियों ने ऋग् वेद के मंत्रों की रचना की।
  • ऋग्वेद काल में वैद्य भीषज कहलाता था।
  • ऋग् वेद में गंगा का उल्लेख केवल एक बार मिलता है।
  • राक्षस विवाह के अन्तर्गत् कन्या का बलपूर्वक अपहरण करके विवाह किया जाता था।
  • उत्तरवैदिक काल में वास, अधिवास, नीवी वस्त्र पहने जाते थे।
  • उत्तरवैदिक काल में क्षात्रि राजप्रासाद का रक्षक होता था।
  • उत्तरवैदिक काल में राजद्रोह के लिए प्राणदण्ड का विधान था।
  • ब्रह्म विवाह के अन्तर्गत् पिता अपनी पुत्री को दो वस्त्र एवं गहने पहना कर किसी विद्वान, धार्मिक तथा सुन्दर आकृति वाले व्यक्ति को दे देता था।
  • अचेत अवस्था में या पागल कन्या से विवाह पैशाच विवाह कहलाता था।
  • ऋग्वेद में आर्यो के पाँच कबीले बताये गये हैं।
  • उन कबीलों के नाम पुरु, यदु, तुर्वश, द्रुह्म और अनु थे।
  • भरत, क्रिव एवं त्रित्सु आर्य वंश के शासक थे।
  • भरत कुल के नाम से ही हमारे देश को भारतवर्ष कहा गया।
  • वशिष्ठ भरत कुल के पुरोहित थे।
  • भरत वंश के राजा सुदास और अन्य दस जन, पुरु, यदु, तुर्वश, अनु, द्रह्म अकिन, पक्थ, भलानस, विषणिन और शिव के बीच दशराज्ञ यु़द्ध लड़ा गया।
  • दशराज्ञ यु़द्ध में राजा सुदास को विजय प्राप्त हुई।
  • कालान्तर में पराजित राजा पुरु तथा भरत के बीच मैत्री सम्बन्ध स्थापित होने से एक नवीन कुरु वंश की स्थापना हुई।
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