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General Knowledge Important Questions Answers in Hindi

वायुमण्डल के विभिन्न स्तर कौन कौन से हैं?

पृथ्वी के धरातल से ऊपर वायुमण्डल की विभिन्न स्तर पाये जाते हैं –

क्षोभमण्डल (Troposphere) – क्षोभमण्डल (Troposphere) पृथ्वी की धरातल से लगी वायुमण्डल की सबसे निचली परत है। इसे संवहन मण्डल या परिवर्तन मण्डल के नाम से भी जाना जाता है। क्षोभमण्डल की ऊँचाई ध्रुवों पर 8 कि.मी. और विषुवत रेखा पर लगभग 16-18 कि.मी. होती है।

समतापमण्डल (Stratosphere) – क्षोभमण्डल के ऊपर स्थित मण्डल को समतापमण्डल (Stratosphere) कहा जाता है। समतापमण्डल में ऊँचाई के साथ तापमान का गिरना बन्द हो जाता है। यह 50 कि.मी. की ऊँचाई तक पाया जाता है।

मध्यमण्डल (Mesosphere) – समतापमण्डल से ऊपर वायुमण्डल का तीसरा स्तर मध्यमण्डल (Mesosphere) आरम्भ होता है। मध्यमण्डल का विस्तार 80 कि.मी. की ऊँचाई तक होता है। इसमें ऊँचाई के साथ तापमान गिरते जाता है।

आयनमण्डल (Ionosphere) – वायुमण्डल का सबसे ऊपरी स्तर आयनमण्डल (Ionosphere) कहलाता है। यह 80 कि.मी. से 400 कि.मी. की ऊँचाई के बीच स्थित होता है। यहाँ कि हवा विषुव आवेषित होती है।

‘विभाजन के तथ्य’ विषय पर लगभग 100 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखें?

मार्च 1947 में लॉर्ड माउण्टबेटन को भारत का अन्तिम गवर्नर जनरल नियुक्त किया गया। उसने उस काल के परिस्थितियों का निरीक्षण करके कांग्रेस तथा मुस्लिम लीग से गहन विचार-विमर्श किया और अन्ततः देश के विभाजन का निर्णय लिया। राष्ट्रवादी नेताओं ने भी मजबूरन भारत विभाजन का निर्णय स्वीकार कर लिया क्योंकि पिछले 70 वर्ष के अन्तराल में हिन्दू और मुस्लिम साम्प्रदायिकता का विकास इस प्रकार हुआ था कि यदि विभाजन न हुआ होता तो शायद साम्प्रदायिकता की आग में लाखों लोगों को जलना पड़ता। ३ जून १९४७ को भारत-पाकिस्तान विभाजन की घोषणा को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने स्वीकार कर लिया।

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