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बैंकिंग से सम्बन्धित जानकारी (Banking General Knowledge in Hindi) सामान्य ज्ञान  का एक अभिन्न अंग है। बैंकिंग सामान्य ज्ञान (banking gk in Hindi) के बिना हमारी समस्त जानकारी अधूरी है।

Gyan Sagar Gk में प्रस्तुत है Reserve Bank History in Hindi

भारतीय रिजर्व बैंक इतिहास (RBI gk in Hindi)

Banking gk in Hindi

Royal Commission on Indian Currency and Finance जिसे कि Hilton-Young Commission के नाम से भी जाना जाता है के द्वारा एक केन्द्रीय बैंक के निर्माण की सिफारिश के आधार पर ब्रिटिश सरकार ने सन् 1926 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का आरम्भ किया।

Hilton-Young Commission के सिफारिश के पीछे दो प्रमुख उद्देश्य थे – पहला मुद्रा तथा ऋण के नियन्त्रण को सरकार से अलग करना और दूसरा देश भर में बैंकिंग सुविधाओं को बढ़ावा देना। इस सिफारिश को प्रभावी बनाने के लिए सन् 1927 में विधानसभा में एक बिल पेश किया गया किन्तु उस बिल में कुछ खामियों के कारण उसे वापस लेना पड़ गया। चूँकि रिजर्व बैंक के निर्माण हेतु सिफारिश भारतीय संवैधानिक सुधारों पर श्वेत पत्र द्वारा किया गया था, विधानसभा में एक नया बिल प्रस्तुत किया गया और उसे सन् 1935 में अधिनियमित किया गया। इस प्रकार से केंद्र सरकार के बैंकर के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 के माध्यम से की गयी।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के परिचालन का शुभारम्भ 1 अप्रैल, 1935 से हुआ। शुरू में इसका मुख्यालय कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में बनाया गया जिसे कि सन् 1937 में शहीद भगत सिंह मार्ग, बम्बई (वर्तमान मुम्बई) में स्थानान्तरित कर दिया गया।

भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना से पूर्व भारत के केन्द्रीय बैंक के कार्यों के संचालन का भार इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया, जिसकी स्थापना सन् 1921 में तीन प्रेसिडेंसी बैंकों के विलय द्वारा हुआ था, पर था। इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया मुख्यतः एक वाणिज्यिक बैंक (Commercial Bank) था जो कि कुछ सीमा तक सरकार के बैंकर का कार्य भी करता था।

यह बात विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक का आरम्भ रु.5 करोड़ रुपये की शेयर पूँजी के साथ एक निजी स्वामित्व वाली बैंक के रूप में हुआ। RBI की रु.5 करोड़ कीर पूंजी रु.100 के fully paid up shares में विभाजित था। शुरू में यह शेयर कैपिटल पूरी तरह से निजी अंशधारकों (shareholders) के स्वामित्व में था क्योंकि इस कैपिटल राशि में रु.4,97,8000 निजी शेयरहोल्डर्स का अंश था और शेष रु.2,20,000 केन्द्रीय सरकार का अंश था।

स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात् भारत सरकार ने Reserve Bank (Transfer to Public Ownership) Act, 1948 पारित करके तथा निजी शेयरधारकों को उचित मुआवजे का भुगतान करके RBI को ले लिया। सन् 1949 में भारतीय रिजर्व बैंक का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया और 1 जनवरी, 1949 से भारतीय रिजर्व बैंक के एक सरकारी स्वामित्व वाले भारत के केंद्रीय बैंक के रूप में काम शुरू कर दिया।

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