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gk in Hindi

आपके सामान्य ज्ञान (General Knowledge in Hindi) बढ़ाने के लिए Gyan Sagar gk में प्रस्तुत है महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान (gk in Hindi)!

  • पाली आधुनिक देवनागरी का प्राचीन रूप है।
  • भारत पर आक्रमण करने वाला प्रथम देश साइरस था।
  • कल्पसूत्र की रचना भद्रबाहु ने की थी।
  • गंगा तथा सोन नदियों के संगम पर पाटलिपुत्र नामक नगर का निर्माण
  • उदयभद्र दवारा करवाया गया था।
  • भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश सारनाथ में दिया था।
  • गौतम बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश पाली भाषा में दिया था।
  • गौतम बुद्ध ने महापरिनिर्वाण कुशीनगर में प्राप्त किया था।
  • प्रथम बौद्ध संगीति (महासभा) राजगृह में हुई थी।
  • दूसरी बौद्ध परिषद् वैशाली में हुई थी।
  • वर्द्धमान महावीर का जन्म वैशाली में हुआ था।
  • अन्तिम जैन तीर्थंकर महावीर थे।
  • जैन तीर्थंकर महावीर का महानिर्वाण पावापुरी में हुआ था।
  • जैन धर्म की द्वितीय संगीति वल्लभी में हुई थी।
  • शून्यवाद की स्थापना नागार्जुन द्वारा की गई थी।
  • महात्मा बुद्ध को महाबोधि निरंजना नदी के तट पर प्राप्त हुआ था।
  • बुद्ध शाक्य गणराज्य से सम्बन्धित थे।
  • जैन सम्प्रदाय में प्रथम विभाजन भद्रबाहु के नेतृत्व में हुआ था।
  • जैन धर्म में पाँच महाव्रतों में सर्वाधिक जोर अहिंसा पर दिया था।
  • मौर्य सम्राट चन्द्रगुपंत भद्रबाहु के उपदेश से प्रभावित होकर जैन धर्म का अनुयायी बना।
  • सर्वाधिक प्राचीन शैव सम्प्रदाय पाशुपत है।
  • महावीर स्वामी की मृत्यु के पश्चात जैन संघ दो सम्प्रदायों, श्वेताम्बर और दिगम्बर, में बँट गया। भद्रबाहु ने दिगम्बर सम्प्रदाय का प्रतिनिधित्व किया।
  • चौथी शताब्दी में नेपाल में बौद्ध धर्म के प्रचार हेतु जाने वाला बौद्ध दार्शनिक आचार्य वसुबन्धु था।
  • सुत्तपिटक के अन्तर्गत् विषयों की संख्या पाँच है।
  • प्राचीन जैन साहित्य की भाषा अर्द्धमागधी थी।
  • जैन धर्म के सिद्धान्त भारतीय षड्दर्शन के सांख्य दर्शन के समीप है।
  • महावीर स्वामी का जन्मस्थान कुण्ड ग्राम था। वर्तमान समय में यह स्थान वैशाली (बिहार) है।
  • तृतीय बौद्ध संगीति का आयोजन पाटलिपुत्र में किया गया था।
  • विनय पिटक बौद्ध ग्रंथ में संघ के कायदे दिये गये हैं।
  • गौतम बुद्ध ने अपने सबसे अधिक उपदेश श्रावस्ती में दिये थे।
  • मत्स्य पुराण के अनुसार विष्णु के दस अवतार थे।
  • जैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ थे।
  • खारवेल शासक ने बौद्ध धर्म को संरक्षण नहीं दिया।

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