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मोहन अपने मित्र सोहन से कहता है कि आज तुम मुझे जितना रुपया दोगे, कल मैं तुम्हें उसका दोगुना रुपया लौटा दूँगा, ऐसा मैं अगले चार दिनों तक करूँगा।

सोहन ने पहले दिन मोहन को कुछ रुपये दिये दूसरे दिन मोहन ने सोहन द्वारा दिये गए रुपयों से दोगुना रुपया सोहन को दे दिया। सोहन ने उन रुपयों में से एक निश्चित राशि अपने खर्च के लिए रखकर शेष रुपये फिर से मोहन को दे दिया। तीसरे दिन मोहन ने फिर दिये गये रुपयों से दोगुना रुपया सोहन को दिया जिसमें से सोहन ने पिछली बार जितनी ही राशि अपने खर्च के लिए निकालकर शेष रुपये पुनः मोहन को दे दिया। चौथे दिन फिर सोहन ने अपने खर्च की निश्चित राशि निकाल कर शेष रुपये मोहन को दे दिया। पाँचवे और अन्तिम दिन जब मोहन ने दी गई राशि का दो गुना रुपया जब सोहन को दिया तो वह उतना ही रुपया था जितना कि सोहन प्रतिदिन अपने खर्च के लिए निकाल कर रखता था। ध्यान रहे कि सोहन हर बार एक समान राशि ही अपने खर्च के लिए निकालता था।

सोहन ने मोहन को पहले दिन कितना रुपया दिया था और प्रतिदिन वह अपने खर्च के लिए कितने रुपये निकाल कर रखता था?

हम जानते हैं कि आपने इस पहेली को अवश्य हल कर लिया होगा! यदि हमारे हल से आप अपना हल मिलाना चाहते हैं तो नीचे स्क्रोल करें।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सोहन ने मोहन को पहले दिन रु.1500 दिये थे।

दूसरे दिन जब मोहन ने दी गई राशि का दोगुना राशि अर्थात् रु.3000 सोहन को दिया तो सोहन ने रु.1600 अपने खर्च के लिए निकालकर शेष रु.1400 मोहन को दे दिया।

तीसरे दिन जब मोहन ने दी गई राशि का दोगुना राशि अर्थात् रु.2800 सोहन को दिया तो सोहन ने रु.1600 अपने खर्च के लिए निकालकर शेष रु.1200 मोहन को दे दिया।

चौथे दिन जब मोहन ने दी गई राशि का दोगुना राशि अर्थात् रु.2400 सोहन को दिया तो सोहन ने रु.1600 अपने खर्च के लिए निकालकर शेष रु.800 मोहन को दे दिया।

पाँचवे दिन मोहन ने दी गई राशि का दोगुना राशि अर्थात् रु.1600 सोहन को दिया जो कि उतनी ही राशि थी जितनी कि सोहन प्रतिदिन अपने खर्च के लिए निकालता था।

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