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विमुद्रीकरण (demonetization) के बाद बगैर नगदी के भुगतान करना (cashless payment) एक बहुत बड़ी आवश्यकता बन गई है, नगरीय क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी। देश के प्रत्येक नागरिक के लिए, चाहे वह किसान हों, अध्यापक हो, सैनिक हो, अधिकारी हो, कर्मचारी हो, चाहे कुछ भी हो बगैर नगदी के भुगतान करने (cashless payment) के तरीकों को जानना जरूरी हो गया है। वर्तमान में नकदी (cash) की कमी को देखते हुए भारत सरकार भी बैंकिंग के डिजिटल विधि को युद्धस्तर पर बढ़ावा दे रही है।

तो आइये जानें बगैर नगदी के भुगतान करना (cashless payment) के तरीकों के बारे में

डिजिटल वैलेट्स (Digital Wallets)

छोटी राशियों जैसे कि सब्जी, दूध, किराना आदि खरीदी आदि के भुगतान के लिए डिजिटल वैलेट्स (Digital Wallets) सबसे सुगम तरीका है। डिजिटल वैलेट्स (Digital Wallets) को आप अपनी जेब में रखा हुआ मनीपर्स या नगदी का बटुआ समझ सकते हैं। जैसे आप अपनी जेब में मनीपर्स रखते हैं वैसे ही आप डिजिटल वैलेट्स (Digital Wallets) को आप अपने मोबाइल फोन में रख सकते हैं। मोबाइल फोन में डिजिटल वैलेट्स (Digital Wallets) रखने के बाद आपको नगद रुपया रखने की विशेष आवश्यकता नहीं है। बस आपके बैंक खाते में यथेष्ट राशि होनी चाहिए। बैंक खाते से आप अपने खर्च के लायक राशि को अपने मोबाइल के डिजिटल वैलेट्स (Digital Wallets) में डाल सकते हैं और फिर उसके द्वारा किसी भी चीज के लिए बिना नकदी के भुगतान कर सकते हैं।

पेटीएम, फ्रीचार्ज आदि डिजिटल वैलेट्स (Digital Wallets) सेवा के बड़े प्रदाता हैं।

किन्तु डिजिटल वैलेट्स (Digital Wallets) द्वारा भुगतान करने के लिए आपके मोबाइल में इन्टरनेट चलने की सुविधा होनी चाहिए।

यूएसएसडी ट्रांसफर (USSD transfer)

जिनके मोबाइल फोन में इन्टरनेट की सुविधा नहीं है उन लोगों के लिए यूएसएसडी ट्रांसफर (USSD transfer) बिना नगदी के भुगतान हेतु एक बड़ी राहत है। बस आपके मोबाइल को जिस बैंक में आपका खाता है उस बैंक में रजिस्टर्ड होना चाहिए। आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल में USSD कोड़ नंबर डायल करके मनी ट्रांसफर सहित विभिन्न बैंकिंग विकल्प प्राप्त कर सकते हैं। इस सेवा का विकास ग्रामीण जनता, जिन्हें प्रायः इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती, को ध्यान किया गया है। यह सेवा 11 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है।

UPI

यह भी मोबाइल बैंकिंग का एक भाग है जिसमें सुरक्षा पर अधिक ध्यान दिया गया है। NEFT का प्रयोग करके कैश ट्रांसफर करने पर आपको नगदी प्राप्त करने वाले को अपना बैंक खाता नंबर बताना पड़ता है किन्तु इस विधि में आप केवल यूजरनेम का प्रयोग करके कैश ट्रांसफर कर सकते हैं।
इस विधि को अधिक मोबाइल बैंकिंग की लेकिन सुरक्षा पर विशेष जोर देने के साथ एक हिस्सा है।

इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग का प्रयोग करके आप इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।

नेट बैंकिंग (Net Banking)

नेट बैंकिंग अपने घर या कार्यालय में ही बैठकर अपने बैंक खाते का संचालन करने का एक बढ़िया तरीका है। घर बैठे ही आप अपने नेट बैंकिंग के लिए इन्टरनेट के माध्यम से सक्रिय करके अपना यूजरनेम और पासवर्ड बना सकते हैं। एक बार नेट बैंकिंग के सक्रिय हो जाने पर आप कभी भी, कहीं से भी अपने बैंक खाते का संचालन कर सकते हैं। मोबाइल रिचार्ज करना, रेलवे या एयर टिकट खरीदना, आनलाइन शॉपिंग करना, किसी को पैसे भेजना आदि अनेक कार्य आप नेट बैंकिंग की सहायता से अपने घर या कार्यालय से ही स्वयं कर सकते हैं।

मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking)

मोबाइल बैंकिंग ने तो आपके स्मार्टफोन को ही बैंकिंग पोर्टल में बदल कर रख दिया है। बस अपने स्मार्टफोन में अपने बैंक का मोबाइल बैंकिंग एप डाउन कर लीजिए और बैंक द्वारा दिये जाने वाली सारी सुविधाओं का लाभ ले लीजिए।

कैशलेस भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड तो हैं ही। इनके बारे में तो आप जानते हैं ही, अब और क्या बताना?

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