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gk in Hindi के अन्तर्गत् प्रस्तुत है भारत में दुग्ध उत्पादन (Milk Production in India) के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी।

डेयरी उद्योग सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के महत्वपूर्ण घटकों में से एक है।

जहाँ कृषि की भूमिका भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में पहले नम्बर पर है, वहीं डेयरी उद्योग का नम्बर दूसरा है।

देखा जाये तो कृषि और डेयरी उद्योग परस्पर एक दूसरे पर निर्भर हैं।

दूध के उत्पादन में वृद्धि, ग्रामीण क्षेत्रों मे आय में वृद्धि तथा उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर दूध उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सन् 1970 में ऑपरेशन फ्लड का प्रारम्भ हुआ।

ऑपरेशन फ्लड के तीन चरणों ने अपार सफलता प्राप्त की जिसके परिणामस्वरूप दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भारत विश्व के शीर्ष स्थान पर स्थापित हो गया।

आज भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है; और इसका श्रेय श्वेत क्रान्ति के जनक वर्गीज कुरियन को जाता है।

  • आर्थिक समीक्षा 2015-16 के अनुसार भारत संसार का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है।
  • संसार के कुल दुग्ध उत्पादन में भारत का हिस्सा 18.5% है।
  • भारत में वर्ष 2014-15 में 146.3 मिलियन टन दूध का उत्पादन हुआ जो कि वर्ष 2013-14 की तुलना में 6.26% अधिक है।
  • FAO के आँकड़ों के अनुसार वर्ष 2013 में कुल 765 मिलियन टन दुग्ध उत्पादन हुआ जो कि वर्ष 2014 में बढ़कर 789 मिलियन टन हो गया अर्थात् 3.1% वृद्धि हुई, जबकि भारत में उस दौरान दुग्ध उत्पादन में वृद्धि  6.26% थी, अर्थात भारत में दुग्ध उत्पादन की वृद्धि दर विश्व में दुग्ध उत्पादन की वृद्धि दर से लगभग दोगुनी है।
  • 2014-15 में भारत में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 322 ग्राम प्रतिदिन रही जो कि 2013 के वैश्विक औसत 294 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन से अधिक है।
  • खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) वर्ष 2013 में भारत का स्थान शीर्ष पर रहा जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और ब्राजील क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहे।
  • 2014-15 में भारत में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में प्रथम स्थान उत्तर प्रदेश का रहा जबकि राजस्थान दूसरे स्थान पर, गुजरात तीसरे स्थान पर, मध्य प्रदेश चौथे स्थान पर और पंजाब पाँचवें स्थान पर थे।पंजाब में प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता 980 ग्राम प्रतिदिन, हरियाणा में 800 ग्राम प्रतिदिन, राजस्थान में 572 ग्राम प्रतिदिन, गुजरात में 506 ग्राम प्रतिदिन तथा हिमाचल प्रदेश में 461 ग्राम प्रतिदिन रहा।
  • यद्यपि उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में शीर्ष स्थान पर रहा किन्तु वहाँ प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता 318 ग्राम प्रतिदिन ही रही।
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