सुप्रसिद्ध कवि गिरिधर (Giridhar) ने अनेक कुण्डलियाँ (Kundaliyan) लिखी हैं।प्रस्तुत है गिरिधर (Giridhar) कवि रचित गिरिधर की कुण्डलियाँ (Giridhar Ki Kundaliyan)बिना विचारे जो करै (Bina Bichare Jo Kare)बिना विचारे जो करै, सो पाछे पछिताय। काम बिगारै आपनो, जग में होत हंसाय॥ जग में होत हंसाय, चित्त चित्त ...