दोहे (Dohe) दो पंक्तियों में बहुत बड़ी बातें कह जाती हैं। प्रस्तुत है रहीम के दोहे (Rahim ke Dohe)छिमा बड़न को चाहिये, छोटन को उतपात। कह रहीम हरि का घट्यौ, जो भृगु मारी लात॥अर्थ: बड़ों को क्षमा शोभा देती है और छोटों को उत्पात (बदमाशी)। अर्थात ...