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Godan – 11 (Hindi Novel by Premchand)

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गोदान (Godan) मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) रचित कालजयी उपन्यास (Hindi Novel) है। गोदान - 11 (Godan - Hindi Novel by Premchand)रूपा रोती हुई आई। नंगे बदन एक लँगोटी लगाए, झबरे बाल इधर-उधर बिखरे हुए। होरी की छाती पर लोट गई। उसकी बड़ी बहिन सोना कहती है, ...

Godan – 10 (Hindi Novel by Premchand)

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गोदान (Godan) मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) रचित कालजयी उपन्यास (Hindi Novel) है। गोदान - 10 (Godan - Hindi Novel by Premchand)एक आदमी ने आ कर राम-राम किया और पूछा, 'तुम्हारी कोठी में कुछ बाँस होंगे महतो?'होरी ने देखा, दमड़ी बँसोर सामने खड़ा है, नाटा, काला, खूब ...

Godan – 9 (Hindi Novel by Premchand)

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गोदान (Godan) मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) रचित कालजयी उपन्यास (Hindi Novel) है। गोदान - 9 (Godan - Hindi Novel by Premchand)होरी को रात-भर नींद नहीं आई। नीम के पेड़-तले अपने बाँस की खाट पर पड़ा बार-बार तारों की ओर देखता था। गाय के लिए नाँद गाड़नी ...

Godan – 8 (Hindi Novel by Premchand)

गोदान (Godan) मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) रचित कालजयी उपन्यास (Hindi Novel) है।गोदान - 8 (Godan - Hindi Novel by Premchand)तीनों भूसा ले कर चले, तो राह में बातें होने लगीं।भोला ने पूछा, 'दसहरा आ रहा है, मालिकों के द्वार पर तो बड़ी धूमधाम होगी?''हाँ, तंबू-सामियाना ...

Godan – 7 (Hindi Novel by Premchand)

गोदान (Godan) मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) रचित कालजयी उपन्यास (Hindi Novel) है।गोदान - 7 (Godan - Hindi Novel by Premchand)तीसरे पहर गोबर कुदाल ले कर चला, तो होरी ने कहा, 'जरा ठहर जाओ बेटा, हम भी चलते हैं। तब तक थोड़ा-सा भूसा निकाल कर रख ...

Godan – 6 (Hindi Novel by Premchand)

गोदान (Godan) मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) रचित कालजयी उपन्यास (Hindi Novel) है।गोदान - 6 (Godan - Hindi Novel by Premchand)सोना ने देखा, रूपा बाप की गोद में चढ़ी बैठी है तो ईर्ष्या हुई। उसे डाँट कर बोली, 'अब गोद से उतर कर पाँव-पाँव क्यों नहीं ...

Godan – 5 (Hindi Novel by Premchand)

गोदान (Godan) मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) रचित कालजयी उपन्यास (Hindi Novel) है।गोदान - 5 (Godan - Hindi Novel by Premchand)होरी अपने गाँव के समीप पहुँचा, तो देखा, अभी तक गोबर खेत में ऊख गोड़ रहा है और दोनों लड़कियाँ भी उसके साथ काम कर रही ...

Godan – 4 (Hindi Novel by Premchand)

गोदान (Godan) मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) रचित कालजयी उपन्यास (Hindi Novel) है।गोदान - 4 (Godan - Hindi Novel by Premchand)होरी ने साहस बटोर कहा, 'हम समझते थे कि ऐसी बातें हमीं लोगों में होती हैं, पर जान पड़ता है, बड़े आदमियों में भी उनकी कमी ...

Godan – 3 (Hindi Novel by Premchand)

गोदान (Godan) मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) रचित कालजयी उपन्यास (Hindi Novel) है।गोदान - 3 (Godan - Hindi Novel by Premchand)सेमरी और बेलारी दोनों अवध-प्रांत के गाँव हैं। जिले का नाम बताने की कोई जरूरत नहीं। होरी बेलारी में रहता है, रायसाहब अमरपाल सिंह सेमरी में। ...

Godan – 2 (Hindi Novel by Premchand)

गोदान (Godan) मुंशी प्रेमचंद (Munshi Premchand) रचित कालजयी उपन्यास (Hindi Novel) है।गोदान - 2 (Godan - Hindi Novel by Premchand)होरी कदम बढ़ाए चला जाता था। पगडंडी के दोनों ओर ऊख के पौधों की लहराती हुई हरियाली देख कर उसने मन में कहा भगवान कहीं गौं ...